फतेहपुर। राधानगर की सागर वायर प्रा.लि. कंपनी से बिजली विभाग बकाया बिल की वसूली करेगा। कंपनी की ओर से दायर वाद को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। 87 लाख 29 हजार 299 रुपये का बिजली बिल कंपनी पर बकाया है। विभाग ने कंपनी के नाम आरसी जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कंपनी की ओर से जनवरी 2018 में बिल जमा करने के लिए एक लाख 37 हजार 978 रुपये का चेक विभाग को दिया था, जो बाउंस हो गया। फिर सितंबर 1998 में एक लाख 87 हजार 878 रुपये का चेक बिजली विभाग को दिया। इसी क्रम में कंपनी ने 11 बार चेक दिए, लेकिन एक बार भी भुगतान नहीं हुआ और चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद बिल व ब्याज मिलाकर दो लाख 32 हजार 707 रुपये बकाया हो गया।
तब विभाग ने कंपनी की बिजली काट दी। इसके विरोध में कंपनी के प्रोपाइटर मूलचंद्र गुप्ता ने पांच जुलाई 2018 को हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया। 21 अगस्त 2018 को कोर्ट ने कंपनी की बिजली जोड़ने का आदेेश दिया। इस पर विभाग ने लाइन जोड़ दी, लेकिन अदालत के फैसले में बिल वसूली को लेकर कोई जिक्र नहीं था।
तब एक्सईएन ने मामले का संज्ञान लिया और कंपनी की बिजली फिर कटा दी। कंपनी के प्रोपाइटर ने 21 जून को फिर से हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया और अधिवक्ता नरेंद्र तिवारी ने विद्युत विभाग के पक्ष को मजबूती से कोर्ट में पेश किया।
कंपनी के वाद को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए बकाया बिल वसूली के आदेश दिए। एक्सईएन रामसजीवन ने बताया कि 26 जुलाई को हाईकोर्ट का फैसला आया है। कंपनी पर 87 लाक रुपये का बिल बकाया है। वसूली के लिए अब आरसी भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।