अल्लीपुर। बारिश के लगातार तीसरे दिन फाल्ट हुए। जिन्हें ठीक करने के लिए बिजली विभाग की टीमें दौड़ती रहीं। कई जगह पुराने फाल्टों के कारण भी आपूर्ति बाधित रही।
मलवां क्षेत्र सौंरा विद्युत उपकेंद्र के तीन फीडर 18 घंटे से बंद हैं। गुरुवार रात 10 बजे इनकमिंग मशीन में ब्लास्ट होने से सप्लाई बाधित हो गई थी। कर्मचारी फाल्ट ठीक करने में लगे रहे।
सौंरा विद्युत उपकेंद्र से अल्लीपुर, कोराई, रेवाड़ी, आदमपुर, औद्योगिक क्षेत्र प्रथम, द्वितीय, मलवां फीडर से आपूर्ति होती है। रात से क्षेत्रीय गांवों में आपूर्ति बंद है। बारिश के कारण मरम्मत का काम नहीं हो पा रहा है। 12 घंटे बाद चार फीडर आदमपुर, मलवां औद्योगिक क्षेत्र प्रथम, द्वितीय अभी तक बंद हैं। जेई अरविंद सरोज ने बताया कि मरम्मत चल रही है। शाम तक सभी फीडर चालू कर दिए जाएंगे। जहानाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश के कारण उपकेंद्र में पानी भर जाने से 36 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। जेई सुरेश कुमार ने
बताया कि उपकेंद्र के केबिल पानी में डूबे हैं। इसी लिए आपूर्ति बंद कर दी गई है। औंग प्रतिनिधि के अनुुुसार, दो माह पहले जला ट्रांसफार्मर 24 जुलाई को बदला गया था। चार दिन बाद 28 जुलाई को दोबारा ट्रांसफार्मर फुंक गया है। इसी दिन शाम को नया ट्रांसफार्मर रखा गया। गुरुवार की सुबह लोड देते ही पांच मिनट बाद यह भी फुंक गया।
मलवां ब्लाक के रावतपुर गांव में 28 जुलाई को 25 केवीए और 63 केवीए के दो ट्रांसफार्मर जल गए थे। पांच हजार की आबादी को विद्युत आपूर्ति इन्हीं दोनों ट्रांसफार्मरों से होती है। निजी नलकूप तथा एक पिसाई-पेराई कारखाना भी 63 केवीए के ट्रांसफार्मर से संचालित है। रावतपुर गांव को बिंदकी रोड चौडगरा उपकेंद्र से सप्लाई मिलती है। सात दिन से पांच हजार की आबादी अंधेरे में है। गांव में बिजली
विभाग के ढुलमुल रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश है। भाजपा के देवमई मंडल अध्यक्ष अरुण शुक्ला ने बताया वर्कशॉप से लाए गए दोनों ट्रांसफार्मर पांच मिनट भी नहीं चल पाए। अगर नए ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाते तो उपकेंद्र का घेराव किया जाएगा। जेई कालूराम ने बताया वर्कशॉप से लाए गए ट्रांसफार्मरों में गड़बड़ी थी। नए ट्रांसफार्मर की खरीद के लिए स्टीमेट बनाकर भेजा गया है।