खागा। मनरेगा में कार्यरत मजदूरों को जाति व लिंग के आधार पर आरक्षण देने के प्रस्ताव का खेत मजदूर यूनियन ने विरोध किया है। सोमवार को खागा तहसील में यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इस प्रस्ताव को तुरंत रोकने की मांग की। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
खेत मजदूर यूनियन अध्यक्ष सुमन सिंह चौहान, प्रांतीय सचिव फूलचंद्र पाल, सुमेर सिंह, जंग बहादुर सिंह, मनोज कुमार, भैरों प्रसाद, चंद्रशेखर सिंह, रामप्रकाश आदि सोमवार को तहसील खागा पहुंचे और प्रदर्शन किया। यूनियन ने मनरेगा मजदूरों को जाति व लिंग के आधार पर आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध किया और आंदोलन का ऐलान किया। यूनियन ने राष्ट्रपति को संबोधित 17 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा में जाति एवं लिंग के आधार पर किए जा रहे आरक्षण पर रोक लगाने, इस संबंध में आवंटित बजट प्रक्रिया पर रोक लगाने, इस साजिश को रोकने, खेत मजदूरों के लिए एक सर्व समावेशी केंद्रीय कानून बनाने, मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी देने की व्यवस्था कराने, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं पर किए जा रहे अत्याचारों पर अंकुश लगाने, मजदूरों को निजी प्रतिष्ठानों में आरक्षण देने की व्यवस्था कराने की मांग की। इस मौके पर जिलामंत्री रामकृष्ण हेगड़े, रामऔतार सिंह, अतुल कुमार, विनोद कुमार, मूलचंद्र, रामसजीवन सिंह आदि मौजूद रहे।