फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर गुरुवार को पांच सेंटीमीटर घटा है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में मुसीबतें बनी हुई हैं। लोग छतों पर पॉलिथीन डालकर डेरा डाले हुए हैं।
नरौरा बांध से गुरुवार को गंगा में 87 हजार 3 सौ 30 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। सुंदरपुर, राजाराम की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, कुड़री सारंगपुर गांव में घरों में पानी भरा है। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर चित्रकूट के पास दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है।
तेज बहाव होने से छोटे वाहन चालक राजेपुर से निविया होकर गुजर रहे हैं। उधर शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर भी अभी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे वहां भी चालकों को सतर्कता के साथ वाहन निकालने पड़ रहे हैं। गांव हरसिंहपुर कायस्थ के ग्रामीणों का कहना है कि गांव का आवागमन कई दिनों से बंद है। लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई भी देखने तक नहीं आया है। रामगंगा का जलस्तर 134.75 से घट कर 134.65 मीटर पर आ गया है। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अमृतपुर। विकास खंड राजेपुर के सुंदरपुर, राजाराम की मड़ैया, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, उदयपुर, सबलपुर, लायकपुर, जोगराजपुर, रामपुर, अंबरपुर, जगतपुर, माखन नगला रामप्रसाद नगला, तीसराम की मड़ैया, पट्टी बदनपुर, जमापुर आदि गांवों के प्राथमिक स्कूलों में पानी भरा गया है। इससे शिक्षकों को आने जाने में दिक्कतें हो रही हैं। खंड शिक्षा रमेश चंद्र जौहर ने जिन स्कूलों में पानी भरा है, वहां के शिक्षक पड़ोस के स्कूल में बैठेंगे। (संवाद)
हमीरपुर परतापुर जाने वाले मार्ग की सड़क ग्रामीणों ने तीन दिन पूर्व काट दी थी। इससे गांव माखन नागला, रामप्रसाद नगला, जटपुरा, कहिलियाई का रास्ता बंद हो गया है। कटी सड़क के पास गहरा गड्ढा होने तथा तेज धार के चलते ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई लोग मिलकर बाइक को निकलते हैं। ग्रामीण राजवीर, जगदीश चंद्र आदि ने बताया कि तहसील प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाह ने बताया कि लेखपाल ने कहा है कि गांव वालों ने नाव के लिए मना कर दिया था। समस्या को देखते हुए नाव की व्यवस्था की जाएगी।(संवाद)
शमसाबाद। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गांव चौरा के पास लगभग 2 फीट तक पानी बह रहा है। इसमें दो पहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। हरसिंहपुर के लोग गांव कट जाने के बाद से ढाई घाट रोड पर किनारे पन्नी डाल कर रहे हैं। झोपड़ियों में पानी भरने से उनके सामने दिक्कत है। बराकेशव निवासी दिवारी लाल भी सड़क किनारे डेरा डाले हैं। उनके बच्चे बैलगाड़ी के नीचे भोजन करते नजर आए। उनका कहना है कि वह इन दिनों बैल गाड़ी नीचे ही जीवन यापन कर रहे हैं।(संवाद)