कचहरी में पूर्व विधायक विजय सिंह को पेशी पर ले जाता पुलिस कर्मी।
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सिपाही के आत्महत्या मामले में विजय सिंह की पेशी
फर्रुखाबाद। सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे में बांदा जेल से सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह को कड़ी सुरक्षा में विशेष अदालत एमपी/एमएलए में पेशी पर लाया गया। उन्होंने वकील के माध्यम से आरोप मुक्त करने का प्रार्थना पत्र दिया। इस पर एक जनवरी की तारीख लगाई गई है। विजय सिंह पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में बांदा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
मैनपुरी जिले के आश्रम रोड बालाजी पुरम निवासी बिजेंद्र सिंह तोमर फतेहगढ़ कोतवाली में सिपाही (चालक) था। वह सिविल लाइन फतेहगढ़ में किराये के मकान में रहता था। 26 जून 2014 को वहीं गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। पुत्र राहुल तोमर ने अज्ञात में हत्या और लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें हत्या के बाद सोने की चेन व दो अंगूठी लूटने का आरोप लगाया था। पुलिस ने 22 अप्रैल 2019 को पूर्व विधायक विजय सिंह के खिलाफ सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
यह मुकदमा विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए में चल रहा है। न्यायाधीश ने बांदा जेल में ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे विजय सिंह को कोर्ट में तलब किया था। बुधवार को कड़ी सुरक्षा में बांदा जेल से लाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। उनके वकील जितेंद्र कुमार सिंह चौहान, ऋषि कुमार अवस्थी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पूर्व विधायक के खिलाफ गलत तरीके से आरोप पत्र दाखिल किया गया है। उन्हें आरोपों से मुक्त किया जाए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना ने इसका विरोध किया। न्यायाधीश देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई को 1 जनवरी की तारीख लगाई है। एक अन्य प्रार्थना पत्र देकर बांदा जेल से पेशी पर आने के दौरान हत्या होने की आशंका जताई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की गुहार लगाई। न्यायाधीश ने बांदा के जिला कारागार अधीक्षक को सुरक्षा के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है।