फर्रुखाबाद/कमालगंज। जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को कायमगंज के तंबाकू व्यापारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। व्यापारी को बरेली के अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई थी। कमालगंज क्षेत्र में शिक्षक व बच्चे और मोहम्मदाबाद क्षेत्र में गर्भवती की भी जान बुखार ने ले ली।
कमालगंज क्षेत्र के गांव उबरी खेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार प्राथमिक विद्यालय टाडा बहरामपुर में सहायक अध्यापक थे। 17 सितंबर को विद्यालय में कोरोना वैक्सीनेशन शिविर में ड्यूटी के दौरान बुखार की चपेट में आ गए थे। परिजनों ने शहर के नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। सुधार न होने पर कानपुर में भर्ती कराया गया। नर्सिंग होम में शनिवार को शिक्षक की मौत हो गई। रविवार को श्रृंगीरामपुर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अटेवा पेंशन बचाओं मंच के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह जाटव ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी ममता को शिक्षक पद पर नौकरी दी जाए।
राजेपुर सरायमेदा गांव में निजाकत खां के आठ वर्षीय पुत्र हसन की लखनऊ के निजी अस्पताल में शनिवार शाम को मौत हो गई। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में इलाज से सुधार न होने पर परिजन लखनऊ ले गए थे।
मोहम्मदाबाद के मोहल्ला किदवई नगर निवासी धर्मेंद्र कठेरिया की पत्नपी गीता (25) की भी शनिवार रात में बुखार से मौत हो गई। वह
सात माह की गर्भवती थी। परिजनों ने बताया कि 14 तिसंबर को बुखार आया। हालत में सुधार न होने पर 17 सितंबर को शहर से दवा ली थी। करीब एक वर्ष पहले गीता की शादी हुई थी।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार गांव उलियापुर निवासी तंबाकू व्यापारी अनुराग गंगवार (45) दो दिन से बुखार से पीड़ित थे। परिजन बरेली के अस्पताल ले गए थे, वहां शनिवार को मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अनुराग को डेंगू की पुष्टि हुई थी। अनुराग के दो पुत्र अश्वनी (18) व उज्ज्वल (14) हैं।
कंपिल क्षेत्र के गांव बहलोलपुर निवासी वेदप्रकाश की आठ वर्षीय पुत्री आराध्या की भी रविवार भोर बुखार से मौत हो गई। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार रात हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी कायमगंज ले गए, वहां से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
कमालगंज। बरसात का पानी गांव में भरे रहने व गंदगी के चलते क्षेत्र के 12 से अधिक गांव में बुखार फैला हुआ है। बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। मरीजों की जान भी जा रही है। रविवार को शेखपुर व आलूपुर गांव जाकर सीएमओ ने लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया। स्वास्थ्य टीमों ने तीन गांवों में शिविर लगाकर दवाएं बांटीं।
नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम ने राजेपुर सरायमेदा गांव में शिविर लगाया। फार्मासिस्ट आशुतोष सक्सेना ने 50 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। एलटी ने 14 मरीजों की मलेरिया, 10 की डेंगू व नौ की टाइफाइड जांच की। मोबाइल यूनिट की दूसरी टीम ने लक्ष्मण नगला गांव में पहुंचकर 26 मरीजों की मलेरिया, 17 की टाइफाइड व 5 की डेंगू जांच की। यहां फार्मासिस्ट शेर सिंह ने 85 मरीजों का परीक्षण कर दवाई दी। दोनों जगह हुई जांचों में सभी निगेटिव पाए गए।
सीएचसी से फार्मासिस्ट रविंद्र कुमार व कक्ष सेवक विमल की टीम ने गौसपुर गांव में शिविर लगाकर मरीज देखे। यहां 39 मरीजों को दवाई बांटी गईं। इसमें 12 मरीज बुखार से पीड़ित हैं। अन्य लोगों को पेट दर्द, सिर दर्द आदि की शिकायत है। दोपहर करीब एक बजे
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश चंद्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य के साथ शेखपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बीमारी की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बरसात के ठहरे पानी को निकालने की व्यवस्था करें। यही पानी बीमारी का कारण है। घरों के आस पास साफ सफाई रखें। सीएमओ ने ग्राम प्रधान पति बब्लू को गांव में सफाई कराने के निर्देश दिए। सीएमओ ने गौसपुर व जहानगंज क्षेत्र के आलूपुर गांव में भी ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक किया।