फर्रुखाबाद। जिला जेल फतेहगढ़ में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल तैनात कर दिया है। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि उपद्रवी बंदियों द्वारा शासकीय संपत्ति को क्षति पहुंचाने, बंदी रक्षकों व पुलिस कर्मियों पर हमला करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उधर, बवाल की जांच करने के लिए डीआईजी जेल वीपी त्रिपाठी शाम को पहुंचे। उन्होंने डिप्टी जेलर सहित घटना के दौरान तैनात बंदीरक्षकों के बयान दर्ज किए। डीएम-एसपी से भी जानकारी ली।
डीआईजी ने डिप्टी जेलर शैलेश कुमार सोनकर सहित घटना के दौरान गेट से लेकर अंदर तक तैनात सभी बंदीरक्षकों के बयान दर्ज किए। बंदी आखिर क्यों आक्रोशित हुए। इसके बारे में गहनता से छानबीन की। जांच में कई बातें निकलकर सामने आईं हैं। इसके बाद डीआईजी ने प्रभारी अधीक्षक जेलर अखिलेश कुमार से भी जानकारी ली। शाम को डीएम संजय कुमार सिंह व एसपी अशोक कुमार मीणा फिर से जिला जेल में पहुंचे। डीआईजी ने दोनों अधिकारियों से वार्ता की। सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक प्रमोद शुक्ला भी मौजूद रहे।
फतेहगढ़ जिला जेल में हुए बवाल की होगी न्यायिक जांच
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। फतेहगढ़ जिला जेल में हुए बवाल की न्यायिक जांच होगी। जल्द इसमें न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाएगा। अभी एडीजी कानपुर जोन के नेतृत्व में मामले की जांच चल रही है। मंडलायुक्त कानपुर और आईजी रेंज घटनास्थल पर ही कैंप कर रहे हैं। एडीजी के निर्देश पर वे वहां पहुंचे हैं। उच्चाधिकारियों ने जेल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज कब्जे में लिए हैं।
अस्पताल में इलाज के दौरान एक बंदी की मौत के बाद जिला कारागार में बवाल हुआ। एक बंदी की गोली लगने से मौत भी हो गई। डिप्टी जेलर को बंधक बनाकर कैदियों ने हमला भी किया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। एडीजी जोन भानु भास्कर ने बताया कि आईजी प्रशांत कुमार और मंडलायुक्त डॉ. राज शेखर फतेहगढ़ में कैंप कर रहे हैं। हर तथ्य की छानबीन की जा रही है। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि इसकी बाकायदा साजिश रची गई। सीसीटीवी फुटेज से तमाम अहम तथ्य हाथ लगे हैं। एडीजी के मुताबिक इस तरह ही घटनाओं में न्यायिक जांच का सीआरपीसी (176 भाग तीन) में प्रावधान है। इसलिए इस घटना की भी न्यायिक जांच कराई जाएगी।
लोहिया के डॉक्टरों ने की 20 बंदियों की जांच
फर्रुखाबाद। जिला जेल के अस्पताल में आग लगने से वहां सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। पथराव व पुलिस कार्रवाई में घायल हुए बंदियों का परीक्षण के लिए लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को जेल भेजा गया। टीम ने करीब 20 बंदियों का परीक्षण किया। इसमें किसी बंदी की अंगुली टूटी थी तो किसी की पसली में चोट आई है। सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों ने किसी बंदी को ऐसा गंभीर नहीं बताया जिसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया जाए। केवल शिवम को ही लोहिया अस्पताल भेजा गया था।