फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के अहिमलापुर गांव में पशु व्यापारी, दिव्यांग और ठेकेदार की शराब पीने से हुई मौत मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने गांव के ही एक युवक को गिरफ्तार कर शराब में मिलाए गए जहर व अंग्रेजी शराब के दूसरी अद्धी (हाफ) को बरामद कर लिया। हत्यारोपी ने कहा कि महिला के साथ उसकी आपत्तिजनक फोटो को लेकर दिव्यांग मोनू उसे ब्लैक मेल कर रहा था। इसीलिए उसकी हत्या करने के लिए शराब में जहर मिलाया था। जहर मिली शराब पीने से मोनू के साथ दो और लोगों की मौत हो गई। रविवार को पुलिस ने हत्यारोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता ने बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली के अहिमलापुर गांव निवासी पशु व्यापारी जितेंद्र सिंह, दिव्यांग मोनू सिंह व छिबरामऊ के ठेकेदार ओमवीर सिंह की तीन मार्च को जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। ओमवीर के बेटे विपिन की तहरीर पर भरतामऊ स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के सेल्समैन श्यामलाल, दुकान मालिक विनोद कुमार पाल, गोदाम प्रभारी महेश सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी के मुताबिक गांव के ही नरेंद्र शर्मा का एक महिला से प्रेेम प्रसंग चल रहा था। नरेंद्र ने महिला के साथ आपत्तिजनक फोटो अपने मोबाइल से खींच ली थीं। दिव्यांग मोनू का नरेंद्र के मोबाइल से उसकी आपत्तिजनक फोटो निकाल ली। उसने कुछ नंबरों पर फोटो वायरल भी कर दी । फोटो डिलीट करने के लिए नरेंद्र शर्मा से मोनू ने 30 हजार रुपये लिए थे। उसके बाद भी मोनू ने फोटो डिलीट नहीं की। साथ ही उसे ब्लैकमेल कर लगातार रुपयों की मांग करता रहता था। इससे परेशान नरेंद्र ने उसकी हत्या की साजिश रची। मोनू शराब पीने का शौकीन था। नरेंद्र ने एक सप्ताह पहले मोनू के लिए इंपीरियल ब्लू ब्रांड की अद्धी (हॉफ) खरीदी। उसमें जहर मिलाकर नलकूप के पास छिपाकर रख दिया था।
एसपी ने बताया कि तीन मार्च को मोनू ने नरेंद्र से कहा कि आलू भून रहा हूं तुम शराब की व्यवस्था करो। दोपहर में मोनू नलकूप पर आया और नरेेंद्र पर शराब दिलाने का दबाव बनाया। इस पर नरेंद्र ने नलकूप से अद्धी निकालकर अपने पास छिपा लिया। इसके बाद मोनू की बाइक पर बैठकर नरेंद्र मॉडल शंकरपुर शराब की दुकान से कुछ दूरी पर रुक गया। वहां मोनू को खड़ा करके नरेंद्र दुकान से शराब लेने चला गया। उसने इंपीरियल ब्लू ब्रांड की एक अद्धी व एक क्वाटर खरीदा। नरेंद्र ने खरीदी गई अद्धी को अपने पास रख लिया और जहर मिली हुई अद्धी व क्वाटर निकाल कर मोनू को दे दिया। वहां से दोनों नलकूप पर गए। मोनू शराब लेकर वहां से चला गया। नरेंद्र ने खरीदा गई शराब की अद्धी नलकूप पर ही रख दी। कुछ देर बाद नरेंद्र को पता चला कि जहरीली शराब पीने से मोनू समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद नरेंद्र अपने घर जाकर सो गया। पुलिस ने नरेंद्र की निशानदेही पर नलकूप से खरीदी गई शराब अद्धी व बचे हुए जहर को बरामद कर लिया है।
टीम को दिया 25 हजार का इनाम
तिहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल एसओजी प्रभारी बलराज भाटी, सर्विलांस प्रभारी जेपी शर्मा, मोहम्मदाबाद कोतवाली प्रभारी दिलीप कुमार बिंद को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
जिला कन्नौज के कोतवाली छिबरामऊ के गीतापुरम कालोनी निवासी ओमवीर सिंह पशु व्यापारी जितेंद्र के घर गाय खरीदने की बात करने आए थे। यहां आलू भुनते देेखकर उन्होंने मोनू को पांच सौ रुपये शराब लाने के लिए दिए थे। मोनू ने पांच सौ रुपये जेब में रख लिए और नरेंद्र पर दबाव बनाकर शराब खरीदवा ली थी।
आरोपी नरेंद्र की निशानदेही पर बरामद जहर का नमूना पुलिस ने लिया है। इसे जांच के लिए झांसी स्थित फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। वारदात के बाद मौके पर मिली शराब को पहले लैब में जांच के लिए भेजा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा कि शराब में मिलाए गए जहर का प्रकार व तीव्रता का पता चल सकेगा।
अहिमलापुर निवासी नरेंद्र शर्मा की गांव में ही कीटनाशक की दुकान है। उसको कीटनाशक दवा व केमिकल के बारे में काफी जानकारी है। उसने जिस कीटनाशक जहर को मिलाया था। वह उसका नाम नहीं जानता था। उसकी तीव्रता के बारे में नरेंद्र को पता था, लेकिन वह इस बात से अंजान था कि शराब मोनू के साथ जितेंद्र व ओमवीर भी पीएंगे।
पुलिस ने भरतामऊ स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के सेल्समैन, दुकान मालिक के दो भाई, गोदाम प्रभारी व गांव के चार लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ में सभी अपने आप को निर्दोष बता रहे थे। एसपी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हिरासत में लिए गए सभी लोगों का छोड़ दिया जाएगा। उन्हें परिजनों को सौंप दिया जाएगा।