फर्रुखाबाद। सिखलाइट रेजिमेंट सेंटर पर बुधवार को इंफैंट्री डे पर वीर सपूतों को नमन कर शौर्य गाथा सुनाई गई। सेंटर के ब्रिगेडियर ने कोरोना के संकट में वारियर्स के रूप में काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया।
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर हरबीर सिंह ने शहीद स्थल पर वीर सपूतों को सलामी दी। उन्होंने कहा कि सेना की वीरता और शहादत के इतिहास को याद करने के लिए 27 अक्तूबर को इंफैंट्री डे के रूप में मनाया जाता है। भारत के आजाद होने के कुछ दिन बाद ही पाकिस्तान ने घुसपैठियों को कश्मीर में दाखिल करने की साजिश रची थी। घुसपैठियों ने 24 अक्तूबर 1947 को कश्मीर पर हमला कर दिया था। कश्मीर के राजा हरि सिंह ने हिंदुस्तान से सहायता मांगी और कश्मीर के भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
विलय के बाद भारतीय सेना की सिखलाइट रेजिमेंट की पहली बटालियन का एक दस्ता हवाई जहाज से दिल्ली से श्रीनगर भेजा गया था। रेजिमेंट के जवानों ने उस दौरान कश्मीर की रक्षा की थी। उन दिनों स्वतंत्र भारत के इतिहास में आक्रमणकारियों के खिलाफ पहला सैन्य अभियान था। इसलिए आज के दिन को जवानों के शौर्य को खास दिन के रूप में मनाया जाता है।
महिला स्वास्थ्य कर्मी मेजर राशिदा बेगम, कैप्टन निशा यू, कैप्टन बिंदिया एस, कैप्टन मल्लिका सिंह, ऊषा, नीलम, मुन्नी व महिला पुलिस कर्मी उपनिरीक्षक साधना, सीमा पटेल, नीतू यादव, इला सिंह, सिपाही रत्नेश, पायल, सीमा व कैंट एरिया की महिला सफाई कर्मचारी धर्मबेटी, मंजू, रीना, सरोज, शिवानी, सरला।