कायमगंज। नवाबगंज ब्लाक के गांव सैथरा में पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग फैल गया है। इससे पशुपालक परेशान हैं। गांव के पशुपालकों का कहना है कि 30 से अधिक दुधारू भैंसें बीमारी की चपेट में हैं। पशु चिकित्सालय में सूचना दी गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
अमूमन बारिश की आखिर, अक्तूबर के पहले सप्ताह से पशुओं में खुरपका-मुंहपका बीमारी होती है। पशु चिकित्सा विभाग बीमारी की रोकथाम के लिए हर साल पशुओं का टीकाकरण करता है। इस साल अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है। जबकि पिछले वर्ष 23 अक्तूबर तक टीकाकरण पूरा हो गया था।
गांव सैथरा में एक पशु के चपेट में आते ही आसपास दूसरे पालतू मवेशी भी बीमारी की चपेट में हैं। ग्रामीण खुद ही दवा खरीदकर पशुओं का इलाज कर रहे हैं। सूचना देने के बावजूद पशु चिकित्सालय से किसी ने गांव में आने की सुध नहीं ली है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के मिजाजी लाल, बादशाह, विजय कुमार, जलालुद्दीन, दुर्विजय, देवरूप, मुन्नालाल, सियाराम, अशोक पाल, दिवारीलाल, सत्तार, हाकिम, सतेंद्र, नन्हें, कौशल किशोर, रामतीरथ, अशोक, छुटनकू, मुन्नालाल, सियाराम पाल, हंसराम, विपिन, राजेंद्र, पप्पू, जीवाराम आदि के करीब 30 से अधिक पशु बीमार हैं। ग्रामीण विजय कुमार का कहना है कि पशुओं की हालत दिन व दिन बिगड़ती जा रही है। जो भी उपाय बताए जा रहे हैं वे सब कर रहे हैं। दवा भी मेडिकल स्टोर से लाए, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ है।
पूर्व प्रधान गुड्डू का कहना है कि पशु चिकित्सालय नवाबगंज में दो बार सूचना दी जा चुकी है। अभी तक कोई डॉक्टर गांव नहीं पहुंचा है। पशुपालक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर पशुओं को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य पशु चिकिसाधिकारी राजकिशोर सिंह यादव ने बताया कि इस बार अभी खुरपका-मुंहपका की वैक्सीन शासन से आई नहीं है। नवंबर में आने की उम्मीद है। फिलहाल गला घोंटू का टीकाकरण चल रहा है। गांव सैथरा में टीम भेजकर पशुओं का इलाज किया जाएगा।