अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। जिले की नोडल अधिकारी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांव अलादपुर भटौली में पीड़ितों का दर्द जाना। ग्रामीणों ने भोजन, पेंशन न मिलने और आवास के लिए सर्वे न होने की शिकायत की। बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुनकर नोडल अधिकारी भावुक हो गईं। उन्होंने तत्कालीन लेखपाल व पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए।
गंगा और रामगंगा की बाढ़ से तहसील अमृतपुर क्षेत्र के करीब 200 गांव प्रभावित हैं। नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला शनिवार को रामगंगा के तटवर्ती गांव अलादपुर भटौली पहुंचीं। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि प्रशासन से मात्र दो दिन भोजन मिला है। कुछ ने भोजन न मिलने की शिकायत भी की। नोडल अधिकारी ने एसडीएम प्रीती तिवारी की पूछा, इस गांव में अभी तक आश्रयस्थल क्यों नहीं बना। एसडीएम जवाब नहीं दे पाईं। ग्रामीणों ने बताया कि 40 घर रामगंगा की कटान में आए हैं। केवल 22 लोगों को ही सहायता मिली है।
नोडल अधिकारी ने लेखपाल हिमांशु गुप्ता से पूछा, बाढ़ पीड़ितों को आवास के लिए पट्टे क्यों नहीं दिए गए। लेखपाल ने बताया कि अभी उनकी तैनाती हुई है। नोडल अधिकारी ने तत्कालीन लेखपाल मोहित गुप्ता को निलंबित करने के अदेश दिए। लेखपाल हिमांशु के पास गांव का बस्ता न मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। ग्रामीणों ने विधवा व वृद्धावस्था पेंशन न मिलने, आवास के लिए चिह्नित न करने की शिकायत की। इस पर नोडल अधिकारी ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव सचिन देव शर्मा को निलंबित करने के आदेश दिए। डीएम संजय कुमार सिंह, एसपी अशोक कुमार मीणा, एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति भी साथ रहे।
पीड़ितों ने मांगें आवास और नाव
गांव की मुन्नी देवी, सरोजनी देवी, विमला, सुखलाल, महावीर आदि ने नोडल अधिकारी से बताया कि बाढ़ में घर तबाह हो गए हैं। पॉलिथीन तानकर परिवार सहित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने आवास और आवागमन के लिए नाव मांगी। बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुन नोडल अधिकारी भावुक हो गईं। उन्होंने सचिव व लेखपाल को पीड़ितों की सूची बनाकर पात्रों को आवास दिलाने और गांव में नाव लगाने के निर्देश दिए।
बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर न बता सकीं एसडीएम
नोडल अधिकारी ने को एसडीएम प्रीती तिवारी से बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर नहीं बता पाईं। इस पर नोडल अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब एसडीएम को कंट्रोल रूम का नंबर नहीं पता तो वह मदद के लिए बाढ़ पीड़ितों को क्या जागरूक करेंगी। नोडल अधिकारी ने गांव में आश्रयस्थल बनाने, सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकी बनाने के साथ पुलिस कर्मी व गोताखोर तैनात करने के निर्देश दिए।
हलका इंचार्ज पर कार्रवाई के निर्देश
नोडल अधिकारी ने गांव में चौकीदार न होने और बुलाने पर भी हलका इंचार्ज अभय प्रताप सिंह के न आने पर एसपी से पूछताछ, लेकिन वह जवाब नहीं दे सके। नोडल अधिकारी ने हलका इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
संस्था को ब्लैक लिस्ट और एक्सईएन को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश
अलादपुर भटौली के लोगों ने बताया कि तीन करोड़ रुपये से तटबंध बनाने के बाद भी कटान हो रहा है। करीब 10 करोड़ लागत वाला फायर स्टेशन भी कई वर्ष बाद अधूरा है। नोडल अधिकारी ने कमेटी बनाकर तटबंध और फायर स्टेशन निर्माण की जांच कराने के आदेश दिए। फायरस्टेशन की गुणवत्ता खराब मिलने पर कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट करने व अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
तहसील, थाने का निरीक्षण भी किया
नोडल अधिकारी को तहसील कार्यालय का निरीक्षण करने के दौरान अभिलेख अपूर्ण मिले। आवास खाली मिलने पर नाराजगी जताई और कर्मचारियों को आवास आवंटित करने को कहा। इसके बाद अमृतपुर थाना व जीजीआईसी राजेपुर का निरीक्षण किया। राजेपुर में शिकायत की गई कि पीडब्ल्यूडी की ओर से 118 लोगों को नोटिस दिए गए, लेकिन मिर्चीलाल का निर्माण ध्वस्त कराकर ही कार्रवाई पूरी कर ली गई। नोडल अधिकारी जांच करने के आदेश दिए।