फर्रुखाबाद। विधानसभा के बाद विधानपरिषद चुनाव की आचार संहिता से बेटियों के निकाह का अनुदान लटक गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के चलते 71 शादियों के लिए आई अनुदान की धनराशि वापस कर दी गई। वहीं, अभी शादी अनुदान के लिए अल्पसंख्यक विभाग में 416 आवेदन लंबित हैं।
गरीब बेटियों की शादी के लिए सरकार करोड़ों रुपये अनुदान देती है। समाज कल्याण विभाग की ओर से सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। इसमें प्रत्येक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये का बजट निर्धारित है। इसके अलावा जो गरीब अपने घर से बेटियों की शादी करते हैं, उन्हें 20 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है।
पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यकों की बेटियों की शादी के लिए 20-20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस वर्ष समाज कल्याण विभाग की ओर से 248 बेटियों की 27 नवंबर 2021 तक सामूहिक विवाह समारोह में शादियां कराई गईं, जबकि 225 शादियों का लक्ष्य था।
इससे विभाग को 23 जोड़ों की शादी के लिए अलग से डिमांड भेजकर बजट मांगना पड़ा था। पिछड़ा वर्ग विभाग से 709 बेटियों की शादी के लिए शासन से मिला एक करोड़ 41 लाख 40 हजार रुपये बजट नवंबर तक खर्च कर लिया गया।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से इस वर्ष 90 बेटियों के निकाह के लिए 20-20 हजार अनुदान दिया गया। इसके बाद 71 शादियों के लिए विभाग को 14 लाख 20 हजार रुपये मिले। इसी बीच विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। इसके बाद विधानपरिषद चुनाव की आचार संहिता लागू है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में भी दो दिन ही बचे हैं। इसको देखते हुए शासन से 71 शादियों का दिया गया बजट भी वापस कर दिया गया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने बताया कि आचार संहिता लागू होने व वित्तीय वर्ष समाप्त होने की वजह से शासन को तीन दिन पहले बजट वापस कर दिया गया है। शादी अनुदान के लिए 416 आवेदन लंबित हैं। नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने पर अनुदान दिया जाएगा।