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बारिश के साथ ओले की भी बौछार, किसानों मुसीबत में

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फर्रुखाबाद। जिले में गुरुवार को हुई बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले की बौछार भी आई। फसलों पर संकट देख किसान चिंतित हो गए हैं। बारिश से खेतों में तैयार आलू पर गहरा संकट है। सरसों और गेहूं की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है।
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जिले में किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इस वर्ष रबी की फसल पर शुरुआत से ही संकट है। अक्तूबर में हुई भीषण बारिश से आलू की कच्ची फसल और सरसों चौपट हो गई। इससे किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी। नवंबर में भी हुई बारिश ने किसानों को संकट में डाला। फिर जनवरी में करीब 20 से 25 दिन भीषण ठंड, कोहरा, पाला व बीच-बीच में हुई बारिश से तो आलू की फसल पर ग्रहण ही लग गया।
आलू में झुलसा रोग लगने से पौधे ही सूख गए। इससे करीब 30 प्रतिशत उत्पादन प्रभावित हुआ। इन दिनों खेतों में आलू तैयार खड़ा है। बारिश होने से आलू में चेचक रोग लगने की आशंका है। कायमगंज क्षेत्र में तो ओले की भी बौछार हुई है। जिन खेतों में आलू का पौधा सूख चुका है, वहां खेत में बारिश का पानी भरने से आलू सड़ने के भी आसार बन रहे हैं। तेज हवा में सरसों व गेहूं की फसलें पलटने से उत्पादन प्रभावित होना तय है। मौसम की मार से किसान फिर मुसीबत में फंस गया है।
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आलू में अब चंदिया रोग का खतरा
मोहम्मदाबाद। बेमौसम बरसात से आलू किसान परेशान हैं। आलू में झुलसा रोग लग गया है। कई बार दवा का छिड़काव करने के बावजूद झुलसा रोग की रोकथाम नहीं हुई। इससे अधिकांश खेतों में आलू की बेल सूख गई। पिछले माह हुई बरसात से आलू की खोदाई भी नहीं हो पाई। गुरुवार को बारिश होने से किसान मुसीबत में फंस गए हैं। किसानों का कहना है कि बारिश से आलू की फसल में चंदिया रोग लगने से आलू खराब हो जाएगा। खेत में पानी भरने पर आलू सड़ने की भी आशंका है। किसानों का कहना है बुवाई के दौरान डीएपी के लिए भटकना पड़ा। इससे बुवाई लेट हो गई। अब बारिश से फसल पर संकट है। इस बार आलू में घाटा ही दिख रहा है।
ह्यसभी फसलों को होगा नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राकेेश कुमार सिंह ने बताया कि यह बरसात किसी फसल के लिए फायदेमंद नहीं है। बारिश के साथ यदि तेज हवा चलती है तो गेहूं व सरसों की फसल पलटने का खतरा है। किसान इन दिनों फसलों की सिंचाई न करें। आलू की फसल में यदि पानी भर जाता है तो आलू खराब होने की आशंका है। इससे किसान खेतों में बारिश का पानी भरने पर उसे निकाल दें।
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