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बाढ़ में फंसे लोगों की सुधि नहीं ले रहा प्रशासन

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पशुओं के लिए चारा लेकर बाढ़ के पानी से गुजरते अंबरपुर के ग्रामीण। - फोटो : FARRUKHABAD
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समस्याओं से जूझ रहे बाढ़पीड़ित, प्रशासन बेपरवाह
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अमृतपुर। गंगा व रामगंगा का जल स्तर स्थिर है। इससे गांव में भरा पानी निकलने लगा है, लेकिन गांवों समस्याओं की भरमार अभी भी है। पशुओं के चारे के साथ आने जाने में परेशानी हो रही है। तमाम समस्याओं के बाद भी प्रशासन पीड़ितों के लिए राहत के इंतजाम नहीं कर रहा है।
गंगा व रामगंगा के जलस्तर में शुक्रवार को बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। तीन दिन से गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर पर है। शुक्रवार को नरौरा बांध से गंगा में 80845 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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गंगा की बाढ़ से घिरे गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायकपुर, अंबरपुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, अंबरपुर की मड़ैया में आने जाने के साथ ग्रामीणों के खाने पानी की भी परेशानी हो रही है। घर मे पानी भरे होने से ग्रामीणों को भोजन बनाने में दिक्कतें हो रही है।
कोई तो सड़क पर पॉलिथीन डाल कर रह रहा है तो कोई अपनी छतों का सहारा लिए है। घर जाने वाले रास्ते व घर के अंदर बाढ़ का पानी भरा होने से दीवार का सहारा लेकर छत पर जाने को ग्रामीण मजबूर हैं।
बाढ़ पीड़ित ग्रामीण अपने पशुओं का पेट भरने के लिए पांच से आठ किलोमीटर दूर से घास काट कर ला रहे हैं। गांव में भरा बाढ़ का पानी तो कुछ कम हुआ, लेकिन परेशानियां जस की तस हैं। प्रशासन भी बाढ़ पीड़ितों की नहीं सुधि ले रहा है। शुक्रवार को रामंगगा में 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामंगगा का भी जलस्तर 134.30 मीटर पर है।
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बाढ़ग्रस्त गांवों में पीड़ितों की समस्याएं सुनीं
कमालगंज। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी ने अरशद जमाल सिद्दीकी ने धारानगला, कल्लूनगला, चाचूपुर आदि गांव में बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा बल्ली कार्य यदि कल्लूनगला गांव तक करा दिया जाता तो इतनी ज्यादा हालत खराब नहीं होती। रामपुर माझगांव व अस्तल में कार्यक्रम में सपा नेता ने भाग लिया।
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