कायमगंज। क्षेत्र के गांव घसिया चिलौली निवासी महिला की बुखार में लगातार प्लेटलेट्स घटने से मंगलवार की रात मौत हो गई। इस परिवार में चार माह के अंतराल में तीन मौतें हो चुकी हैं। मां की मौत से बच्चे बेखबर हैं।
गांव घसिया चिलौली निवासी संजय पाठक की 28 वर्षीय पत्नी सोनी को पांच दिन पहले बुखार आया था। स्थानीय डॉक्टर के परामर्श पर जांच कराई तो एक लाख 46 हजार प्लेटलेट्स काउंट्स निकले। इसके बाद जांच कराई तो इसमें 86 हजार प्लेटलेट्स रह गए। इसके बाद हालत बिगड़ती ही चली गई। सोमवार को उन्हें फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर हुई जांच में प्लेटलेट्स 46 हजार रह गए। कुछ राहत मिलने पर परिजन उन्हें घर ले आए। मंगलवार रात हालत बिगड़ गई। एक उल्टी हुई इसके बाद परिजन अस्पताल ले जाने के लिए निकले तब तक मौत हो गई।
सोनी के दो पुत्र आर्यव(8) व अदवेन (4) हैं। दोनों बच्चे मां की मौत से बेखबर थे। घर में मौजूद बुआ मधु से बार-बार पूछ रहे थे कि मां कहां गईं तो उन्होंने उसे बहलाने के लिए फोटो एलबम निकालकर दे दी। जिसमें वह बार-बार फोटो देख रहे थे। इससे पूर्व मई में संजय की मां व पिता भैंसज्य पाठक की कोरोना से मौत हो गई थी। चार माह में पहले माता-पिता और फिर पत्नी की मौत से संजय काफी दुखी हैं। उनकी दो बहनें हैं, उनकी शादी हो गई। इससे वे घर में बिल्कुल अकेले हो गए हैं। रैपिड रिस्पॉन्स टीम के डॉ. संदीप ने बताया कि गांव में टीम ने जाकर जांच की है। बीमार ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव के लिए सावधानियां बरतने के उपाय बताए गए।
पीड़ित बोले
गांव की अदिति ने बताया कि उसे कई दिनों से बुखार आ रहा है। गांव में कई लोग बीमार हैं मगर स्वास्थ्य टीम ने सुध नहीं ली है। वे निजी डॉक्टर से इलाज करा रहीं हैं। बुखार से मौत होने की सूचना पर डर लगने लगा है। ग्रामीण रामकिशन का कहना है पहले मलेरिया विभाग की टीम आती थी और गांव में छिड़काव भी होता था। अब कुछ होता ही नहीं है। प्रधान ने एक बार छिड़काव करा दिया है। नाले के गंदे पानी से मच्छरों की भरमार है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।