अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जानवरों को गलाघोटू के टीके लगाए जा रहे हैं। यह इंजेक्शन मुफ्त लगाया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसे लगाने वाले कर्मचारी पांच रुपये प्रति जानवर के हिसाब से वसूल रहे हैं।
गलाघोटू जानवरों में होने वाली बीमारी है। बारिश के मौसम में जानवरों को इस बीमारी से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। दरअसल यह बीमारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा फैलती है। इसी के चलते अमृतपुर क्षेत्र में इस समय गलाघोटू का टीकाकरण चल रहा है। ग्रामीण ऋषिपाल, रक्षपाल, गुड्डू, रामकिशोर, जवाहरलाल, विमलेश कुमार, बंटू, खुशीराम और रामदत्त ने बताया कि कुछ प्राइवेट कर्मचारियों को टीका लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। ये लोग पांच रुपये प्रति जानवर के हिसाब से टीका लगा रहे हैं। विरोध करने पर ये टीका ही नहीं लगाते हैं।
इस बाबत जिला पशुचिकित्साधिकारी राजकिशोर ने बताया कि पहले इसके रुपये लगते थे अब यह फ्री है। स्टाफ की कमी के कारण प्राइवेट कर्मियों से टीके लगवा लिए जाते हैं। डाक्टर से मामले की जानकारी की जाएगी। गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी।