फर्रुखाबाद। मकान में चल रहे दालमोठ कारखाने में शार्ट सर्किट से आग लग गई। घरवाले व कारीगर चीखते चिल्लाते बाहर की ओर भागे। आग से कारखाने में
रखी नमकीन व उसे तैयार करने का सामान सबकुछ जल गया। सूचना के करीब दो घंटे बाद पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया। आग से करीब 20 लाख के नुकसान की आशंका है।
शहर के मोहल्ला जीआईसी नई बस्ती निवासी सतेंद्र कुमार उर्फ पप्पू यादव मकान में ही दालमोठ कारखाना भी चलाते हैं। बुधवार की सुबह भट्ठी पर पांच
कारीगर दालमोठ बना रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे बिजली चली गई। कुछ देर बाद जैसे ही बिजली आई, तो कारीगर श्याम ने भट्ठी के मोटर का स्विच ऑन
किया। इसी के साथ आग लग गई। पास में रखी कई क्विंटल बनी दालमोठ जलने लगी। परिजन कुछ समझ पाते, जब तक बाहरी कमरों में रखे घी, तेल के टिनों
और बेसन की बोरियां भी आग की चपेट में आ गईं। घी, तेल के टिन तेज आवाज के साथ फटने लगे। कुछ ही देर में पूरा मकान जलने लगा। तेल, घी
जलने से काला धुआं उठने लगा। मोहल्ले के सैकड़ों लोग एकत्रित हो गए।
आग की सूचना पर मोहल्ले की बिजली बंद कर दी गई गई। करीब दो घंटे बाद
दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। बताया जाता है कि दमकल आईटीआई के पास जाम में फंसी रही। आग से करीब 100 टिन खाद्य तेल, 50 बोरी बेसन, पांच
क्विंटल नमकीन, नकदी, घरेलू सामान समेत करीब 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो गई। मकान में अगला हिस्सा लकड़ी (धन्नी) से पटा
था। लिहाजा आग से लकड़ी जलने के बाद पूरी छत गिर गई। यही नहीं लिंटर की छतें और दीवारें भी चटख गईं। मकान की कुछ लपटें नजदीक स्थित पूर्व
विधायक नरेंद्र सिंह के बंद मकान तक भी पहुंच गई। इससे मकान का एक दरवाजा मामूली रूप से जल गया। इसी तरह एक और पड़ोसी तोताराम के मकान
की दीवारें भी गर्म होकर धुंआ देने लगी। पड़ोसी ने कारखाना मालिक सतेंद्र पर आरोप लगाए। इससे कुछ क्षणों के लिए दोनों के बीच विवाद की स्थिति भी बनीं रही।
फर्रुखाबाद। सतेंद्र के मकान में सिर्फ दालमोठ कारखाना ही नहीं चल रहा था बल्कि अवैध रूप से डीजल का भंडारण भी किया गया था। मकान में करीब 50
ड्रम डीजल रखा था, यदि एक भी ड्रम में आग लगती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। कारखाने में आग लगने के तुरंत बाद कारीगर, परिजन और
आसपास के युवाओं ने घर में रखे डीजल से भरे ड्रमों को निकालना शुरू किया। यही वजह थी कि पुलिस और दमकल को भी घटना की जानकारी करीब एक घंटे देरी से की गई।
आसपास के लोगों ने बताया कि मकान में मंगलवार रात को डीजल से भरे करीब 50 ड्रमों की खेप उतारी गई थी। बताया जाता है कि इस डीजल को दाम बढ़ने के
बाद बेचने के लिए एकत्र किया गया था। मकान से ड्रम निकलने के बाद ही दमकल को सूचना दी गई।