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2022 में शुरू होगा राममंदिर के पत्थरों की सेटिंग का काम

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अयोध्या। राममंदिर निर्माण का काम चरणबद्ध ढंग से चल रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 तक रामलला को भव्य गर्भगृह में विराजित करने की डेटलाइन तय की है। ट्रस्ट इसी के तहत आगे बढ़ रहा है।
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राममंदिर के पहले चरण में नींव भराई का काम पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। दूसरे चरण में राममंदिर की प्लिंथ का निर्माण होना है। जनवरी 2022 से राममंदिर के पत्थरों की सेटिंग का काम भी प्रारंभ हो जाएगा।
ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार राममंदिर निर्माण के लिए नींव भराई का काम पूरा होने के बाद नींव के ऊपर डेढ़ मीटर की राफ्ट ढाली जा रही है। इसी के ऊपर प्लिंथ का निर्माण किया जाएगा।
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16 फीट ऊंचे प्लिंथ पर ही राममंदिर का गर्भगृह आकार लेगा। दूसरे चरण के तहत प्लिंथ का निर्माण पूरा होने में करीब दो माह लग जाएंगे। प्लिंथ में ग्रेनाइट व मिर्जापुर के करीब 30 हजार घनफुट पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन पत्थरों की आपूर्ति जारी है।
प्लिंथ बनने के तुरंत बाद मंदिर के गर्भगृह के लिए पत्थरों की सेटिंग प्रारंभ कर दी जाएगी। यह माना जा रहा है कि जनवरी 2022 से राममंदिर का गर्भगृह आकार लेना प्रारंभ कर देगा।
मंदिर के गर्भगृह के करीब 60 प्रतिशत पत्थरों की तराशी की जा चुकी है। शेष पत्थरों की तराशी का काम भी शुरू कर दिया गया है। राजस्थान से पहुंचे एक दर्जन कारीगर पत्थरों की तराशी के काम में लगे हैं।
शीघ्र ही मजदूरों की संख्या बढ़ाकर पत्थर तराशी का काम तेज कर दिया जाएगा। राममंदिर तीन तल का होगा। प्रथम तल पर राम दरबार विराजित होंगे। दूसरे तल को खाली रखा जाएगा।
ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 तक भव्य गर्भगृह में भक्तों को रामलला का दर्शन हो ऐसी योजना बनाई है। एक अनुमान के मुताबिक राममंदिर बनते ही श्रद्धालुओं की संख्या पांच गुना बढ़ जाएगी।
इसलिए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए ट्रस्ट राममंदिर निर्माण के समानांतर ही जन सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है।
शीघ्र ही बिड़ला धर्मशाला से सुग्रीव किला के पीछे से होते हुए राम जन्मभूमि तक करीब 100 फीट का नया मार्ग बनाने का काम शुरू हो जाएगा। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूरी की चुकी है।
इस दर्शन मार्ग पर भक्तों के लिए जन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। राममंदिर के आसपास का एरिया प्रदूषण मुक्त हो इसके लिए मंदिर बनने के बाद रामकोट एरिया में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर बैन लगेगा। ई-व्हीकल को बढ़ावा दिया जाएगा।
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