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बाढ़ पीड़ितों को बचाने में जुटी पीएसी

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मसौधा। थाना क्षेत्र पूराकलंदर में तमसा नदी के कंठ पर बसा चकिया तिवारी का पुरवा गांव 36 घंटे से पानी में डूबा है। विद्युत आपूर्ति व दूरसंचार सेवाएं ध्वस्त पड़ी हैं। बच्चों व महिलाओं के साथ दर्जनों लोग घरों में कैद रहे।
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ग्रामीणों के अनुसार बुधवार व गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश से हालात खराब हो गए। शनिवार सुबह पीएसी के जवानों ने तमसा नदी के कछार में नाव के सहारे डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को उनके सामान सहित मवेशियों को बाहर लाने का काम शुरू कर दिया।
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर तमसा नदी के कंठ पर बसा सोहावल तहसील का गांव चकिया तिवारी का पुरवा बुधवार व गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश के चलते तमसा नदी की बाढ़ से घिर गया।
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चौतरफा जल प्रलय जैसे हालात थे। बिजली और दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। 36 घंटे से लोग घरों में कैद रहे। कई छप्पर और मिट्टी से बने मकान धराशाई हो गए। कुछ मवेशी भी चोटिल हो गए हैं। गांव को जाने वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बुरे वक्त पर सोहावल तहसील के प्रशासनिक अमले ने भी बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। पूरा कलंदर पुलिस और जिला प्रशासन के बुलावे पर शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे मौके पर पहुंची 30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा के बी दल के जवानों ने बचाव कार्य शुरू किया।
लोगों को नाव के सहारे बाहर लाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के बचाव में लगे पीएसी के डेढ़ दर्जन से अधिक जवानों के सहयोग के लिए थाना पूरा कलंदर पुलिस भी मौके पर है।
शनिवार दोपहर तक खाद्य पदार्थों सहित मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। कृषि यंत्र, बाइक व साइकिलों सहित लाखों के सामान अभी पानी में डूबे हुए हैं। तमसा नदी के बाढ़ से प्रभावित लोगों में अमरनाथ, परमेश्वर, रामकिशोर, शिवकुमार, राहुल, विश्वनाथ, गोकरन, गोरखनाथ, अरुण कुमार, अशोक कुमार व ओंकार शामिल हैं।
बचाव कार्य में लगे पीएसी दल का नेतृत्व कर रहे प्रभारी जयचंद्र शर्मा ने बताया कि पीएसी दल के जवान कृष्ण केवल द्विवेदी, सर्वेश चंद्र मिश्रा, अनुराग मिश्रा, विजय शुक्ला, धर्मेंद्र गौड़, अवनीश कुमार व सुधाकर कुमार सहित टीम के लोगों द्वारा जब तक बाढ़ पीड़ितों को उनके घर के सभी सामान सहित सुरक्षित स्थान पर पहुंचा नहीं दिया जाएगा, नाव चलाने का काम जारी रहेगा।
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