अयोध्या। अयोध्या के विकास क्षेत्र के 133 वर्ग किमी. के मास्टर प्लान-2031 को शासी समिति ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में हरी झंडी दे दी है। अब मास्टर प्लान प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में पास होकर आम लोगों के प्रदर्शन के लिए लगाया जाएगा।
इसमें सभी लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। सभी आपत्तियों व सुझावों का निस्तारण करने के बाद मास्टर प्लान फिर से शासन को भेजा जाएगा। शासन की मोहर लग जाने के बाद अयोध्या का मास्टर प्लान 2031 लागू हो जाएगा।
अयोध्या का मास्टर प्लान 2031 अमृत योजना के तहत डेढ़ वर्षों से बन रहा है। इसके लिए स्टेलाइट कंपनी को ज्योग्राफिकल बेस पर मास्टर प्लान बनाने का जिम्मा सौंपा गया था।
निर्धारित एजेंसी ने सर्वे करने के बाद अंतरिम मास्टर प्लान दो माह पूर्व पेश किया था। इसके बाद से टाउन प्लानिंग विभाग ने मास्टर प्लान का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करते हुए मास्टर प्लान को शासी समिति को भेजा।
शासी समिति की बैठक में सोमवार को अयोध्या के मास्टर प्लान 2031 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब मास्टर प्लान अयोध्या विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पास कराकर आम लोगों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे।
एक माह के बाद सभी दावों व आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद प्राधिकरण बोर्ड इस पर अपनी मोहर लगाकर शासन को भेजेगा। शासन की अनुमति के बाद मास्टर प्लान 2031 लागू हो जाएगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के 133 वर्ग किमी. का शासी समिति से स्वीकृति मास्टर प्लान लगभग छह सेक्टर में बंटा है। हर सेक्टर में अलग-अलग व्यवसायिक, खेलकूद के मैदान, आवासीय भवन, ग्रीन एरिया, जन सुविधा स्थल, पार्किंग स्थल समेत अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं।
कोशिश यह की गई है कि एक सेक्टर की लोगों की समस्त जरूरतें अपने ही सेक्टर में पूरी हो जाएं। इसके लिए हर सेक्टर में हॉस्पिटल, खेल के मैदान, शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधाओं समेत अन्य दैनिक जरूरतों की वस्तुओें के स्थान को निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा हर सेक्टर को पर्यटन व विकास की दृष्टि से भी नियोजित करने की कोशिश की गई है। अयोध्या के मास्टर प्लान 2031 में समस्त आगामी, प्रस्तावित व मौजूदा योजनाओं को समाहित किया गया है।
इसमें एयरपोर्ट से लेकर, बुलेट ट्रेन, राममंदिर, पार्किंग स्थल, रीवर फ्रंट, पांच, 14 व 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, रिंग रोड, सड़क चौड़ीकरण, सोलर सिटी समेत 257 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही राममंदिर के आसपास के इलाके लिए विशेष प्रावधानों को भी मास्टर प्लान में जगह मिली है। शहर के मुख्य सड़कों की चौड़ाई 18 से 20 मीटर निर्धारित की गई है।
कुंडों व तालाबों के विकसित किए जाने, धार्मिक व पर्यटक स्थलों को विकास किए जाने व इसके आसपास की स्थान को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने की संपूर्ण व्यवस्था की गई है।
मौजूदा समय में अयोध्या विकास प्राधिकरण को क्षेत्र 872 वर्ग किमी. तक फैला हुआ है। अमृत योजना के तहत अयोध्या का मास्टर प्लान स्वीकृत होते समय अयोध्या विकास प्राधिकरण का कुल क्षेत्रफल 133 वर्ग किमी. था।
मास्टर प्लान बनाने के कार्य शुरू होने के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण का क्षेत्र शासन की स्वीकृति के बाद बढ़ा दिया गया लेकिन मास्टर प्लान में कोई बदलाव नहीं किया गया। मास्टर प्लान को पार्ट ए व बी में बांट दिया गया है।
पार्ट ए में अयोध्या के 133 वर्ग किमी. को रखा गया जबकि पार्ट बी में 739 किमी. के क्षेत्र को बनाया जाना निर्धारित किया गया। अब जब पार्ट ए का मास्टर प्लान बनकर तैयार हो गया है तो अयोध्या विकास प्राधिकरण जल्द ही पार्ट बी पर अपना कार्य शुरू करेगी। मौजूदा समय में नए क्षेत्र के सर्वे का कार्य चल रहा है।
अयोध्या के विकास क्षेत्र के 133 वर्ग किमी. का मास्टर प्लान सोमवार को शासी समिति की बैठक में स्वीकृति हो गया है। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण अपनी बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान को स्वीकृति कराकर जनता से सुझाव व आपत्तियां मांगेगा। एक माह तक सभी सुझाव व आपत्तियों का निस्तारण होने बाद शासन को भेजा जाएगा। शासन की स्वीकृति के बाद इसको लागू कर दिया जाएगा।-विशाल सिंह, वीसी अयोध्या विकास प्राधिकरण