अयोध्या। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिनंदन को लेकर रामनगरी सज-धजकर तैयार हो गई है। रामनगरी की धार्मिक आभा के अनुरूप राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों हनुमानगढ़ी, रामलला व रामकथा पार्क को भव्यता प्रदान की जा चुकी है। कार्यक्रम स्थलों को इस तरह सजाया-संवारा गया है कि यहां पहुंचते ही रामनगरी की समृद्ध धार्मिक महत्ता का अहसास हो।
राममंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या धाम का गौरव भी पुनर्स्थापित हो रहा है। पिछले साल पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो इस वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अयोध्या आ रहे हैं। अयोध्यावासी कहते हैं कि अब रामनगरी एक बार फिर से पूरे विश्व के लिए प्रेरक बन रही है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर भी अयोध्या का धार्मिक गौरव प्रत्यक्षदर्शित हो रहा है।
पूरी अयोध्या राष्ट्रपति के स्वागत में सज-धजकर तैयार है। आला अधिकारियों की टीम शनिवार को तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी रही। विभिन्न विभागों ने पूरी ताकत झोंक दी है ताकि राष्ट्रपति के स्वागत में कहीं कोई कमी न रह जाए। पूरी अयोध्या को पीतांबरी ओढ़ा दी गई है। एक रंग में रंगे भवनों से शहर भर की भव्यता निखर रही है।
राष्ट्रपति रामकथापार्क में रामायण कान्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। रामायण कान्क्लेव के मंच को रामनगरी की प्रतिष्ठित पीठ कनकभवन के स्वरूप में सजाया जा रहा है। मंच पर रामायण की विभिन्न चौपाइयों को अंकित किया जा रहा है। यहां पहुंचने पर शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार, जन-जन के राम की थीम पर आधारित गायन के साथ राष्ट्रपति का स्वागत होगा।
पूरा माहौल राममय नजर आए, कुछ इस तरह की योजना है। स्वागत के लिए रामकथा आधारित तोरण द्वार भी सजाए जा रहे हैं। राष्ट्रपति जिस रास्ते से गुजरेंगे उन सड़कों को चमकाया जा चुका है, सफाईकर्मियों की फौज जुटी हुई है।
रामकथा पार्क में रामायण कान्क्लेव के उद्घाटन समारोह में रामनगरी के प्रतिष्ठित संतों को भी आमंत्रित किया गया है। संतों के बैठने के लिए पंडाल में अलग से व्यवस्था की गई है। बताया गया कि समारोह में राष्ट्रपति संतों से भी आशीर्वाद लेंगे।
संतों को आमंत्रण पत्र भेजा रहा है। रामायण कान्क्लेव के विशेष मंच पर केवल राष्ट्रपति के बैठने की व्यवस्था होगी, बाकी सारे अतिथि मंच के नीचे बन रही दीर्घा में बैठेंगे, यहीं संतों के बैठने की व्यवस्था होगी।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए संस्कृति विभाग की ओर से आठ स्थानों पर सांस्कृतिक मंच भी बनकर तैयार हो गया है। इन मंचों के जरिये भारत की लोकसंस्कृति की झलक राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी तो रामकथा आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां अयोध्या की गौरव-महिमा को बयां करती दिखेंगी। श्रीराम अस्पताल से लेकर रामकथा पार्क तक आठ स्थानों पर करीब 150 कलाकार मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दंगे।
रामनगरी की धार्मिकता का प्रधान केंद्र हनुमानगढ़ी की आभा भी निखर रही है। पूरे हनुमानगढ़ी को सजाया-संवारा गया है। यहां के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास ने बताया कि राष्ट्रपति के आने पर हनुमानगढ़ी की ओर से राष्ट्रपति को भव्य मुकुट, गदा व रामनामी भेंटकर स्वागत सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देखकर मन प्रसन्न है कि सदियों तक उपेक्षित रही रामनगरी का वैभव निखर रहा है।