अयोध्या। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आगामी 29 अगस्त को अयोध्या आ रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार मंथन किया जा रहा है। संभावना है कि वे जिस रास्ते से होकर गुजरेंगे, उस रास्ते को उनके आगमन से 12 घंटे पूर्व ही सील कर दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा इसके लिए ट्रैफिक एडवाइजरी भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही इन रास्तों पर पड़ने वाली दुकानों व घरों की छतों पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए जाएंगे, इसकी सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से बाहर से भी फोर्स बुलाने के लिए निर्देश जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति के आगमन पर अयोध्या के सुरक्षा घेरे को और कड़ा करने की तैयारी की है। वह जिन रास्तों से होकर गुजरेंगे, उन रास्तों को 28 अगस्त की रात से ही सील करने की तैयारी है। बहुत हद तक संभावना है कि राष्ट्रपति रेलवे स्टेशन से निकलकर सीधे श्रीराम अस्पताल होकर क्षीरेश्वर नाथ मंदिर के सामने स्थित गेट नंबर तीन से परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद वह वापस इस रास्ते से मुख्य मार्ग पर आकर सीधे नयाघाट स्थित रामकथा पार्क में जाएंगे, वहां रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। मालूम रहे कि अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसी रास्ते से परिसर में ले जाया गया था। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान रेलवे स्टेशन से श्रीराम अस्पताल होकर श्रीरामजन्मभूमि जाने वाले रास्ते व यहां से नयाघाट तक सड़क की दोनों पटरियों पर बैरिकेंडिंग की जाएगी ताकि उनके आवागमन के समय कोई सड़क पर न आ सके। इन सभी रास्तों पर व पड़ने वाली दुकानों व घरों ऊपर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा के लिए आसपास के जनपदों से भी पुलिस के जवान व अधिकारियों को आने के लिए कहा गया है। इन रास्तों पर ड्रोन व गुब्बारा उड़ाना भी प्रतिबंधित होगा।
राष्ट्रपति को ज्यादा पैदल न चलना पड़े, इसका रखा जा रहा ख्याल
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पिछले कुछ माह पूर्व ही सर्जरी हुई है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए इस तरह का प्लान बनाया जा रहा है, जिससे उनको अधिक पैदल न चलना पड़े। इसको लेकर रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारी मंथन कर रहे हैं। पूर्व में अधिकारियों ने स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने बनी सीढ़ियों से महामहिम को न उतारकर उनके बाहर निकलने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर दिव्यांगों के लिए बने रैंप का चुनाव किया था। मंगलवार को अयोध्या आए उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल ने प्रेसिडेंशियल ट्रेन की जिस बोगी में वह सवार होंगे, वहां से लेकर उनके बाहर निकलने के रास्ते का निरीक्षण किया था। रास्ते के बीच करीब 90 डिग्री का घुमाव आ रहा था। जीएम ने रेल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उन्हें बाहर ले जाने के लिए सीधे रास्ता बनाया जाए। जिला प्रशासन इसी तरह की तैयारियां कर रहा है, महामहिम जहां अपने वाहन से उतरकर पैदल जाएंगे, वहां सीधा रास्ता बनाए जाने को लेकर डीएम, एसएसपी द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें कम से कम पैदल चलना पड़े।