इटावा। शीतलहर शुरू होने के बावजूद जिले की गोशाला में बंद गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। पिछले साल लगाई गई टाट-पट्टी गोशालाओं से गायब हो गई हैं।
ज्यादातर गोशालाओं में टिनशेड भी गोवंश की क्षमता के मुताबिक कम हैं। रात में गोवंश ठंड से ठिठुर कर बीमार हो रहे हैं। यह हाल बसरेहर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहादुरपुर लोहिया में बनी गोशाला का है।
सर्दी के बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने से यहां बंद दो गोवंश बीमार हो गए। स्थिति यह है बीमार गोवंश जमीन से उठ भी नहीं पा रहे हैं ।जिले में सर्दी के मद्देनजर हाल में ही डीएम श्रुति सिंह ने बैठक कर अफसरों को गोशालाओं को सर्दी से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
बावजूद इसके जिले की तमाम गोशालाओं में न तो टिनशेड हैं और न ही ठंड के बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्राम पंचायत बहादुरपुर लोहिया में 150 से अधिक गोवंश रखे गए हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह सर्दी बढ़ने से दो गोवंश बीमार हो गए। वह अपने पैरों पर खडे नहीं हो पा रहे हैं। गोशाला में अभी तक टाट-पट्टी नहीं लगाया गया। इससे ठंड की चपेट में आने से गोवंश बीमार हो गए हैं।
सुबह जब गोशाला में कर्मी पहुंचे, तो उन्होंने देखा सर्दी के चलते दो गोवंश बीमार पड़े थे। इसकी सूचना पशु चिकित्सक डॉ. मंजू दोहरे को दी गई। डॉक्टर ने टीम के साथ गोशाला पहुंचकर सर्दी से बीमार हुए गोवंशों को इलाज किया।
डॉ. मंजू ने बताया कि प्रधान को गोशाला में टाट-पट्टी लगाने को कहा है। जल्द इसका इंतजाम किया जाएगा। गोवंशों के लिहाज से काफी सर्दी पड़ने लगी है।
अगर बचाव के इंतजाम नहीं किए गए, तो गोवंशों के मरने का सिलसिला चालू हो जाएगा। बसरेहर विकासखंड क्षेत्र में सभी गोशाला में गोवंशों को ठंड से बचाने के इंतजाम करने को कहा गया है।
तिरपाल और न ही बाउंड्रीवाल, ठिठुर रहे गोवंश
भरथना। ऊमरसेंडा ग्राम पंचायत की गोशाला की बाउंड्रीवाल में लगी कई पटियां उखड़ चुकी है। गोशाला में गोवंशों को रोकने में खासी मुश्किलें आ रही हैं। साथ ही गोवंश को सर्दी से बचाये रखने को अभी तिरपाल नहीं लगाया गया।
गोशाला की पत्थर के गाटर में पटियां फंसाकर बनाई गई बाउंड्री की विगत कई दिनों पहले से कई पटियां हट चुकी हैं। गोशाला में लगभग 90 गोवंश मौजूद हैं। जिसके लिए भूसा आदि का प्रबंध तो है, मगर सर्दियों से बचाव के लिए अभी तिरपाल नहीं लगाया गया है।
प्रधान राम मिलन यादव ने बताया कि गोशाला की बाउंड्रीबाल से हटी पटियों को लगाने के लिए संबंधित अफसरों को अवगत कराया जा चुका है। गोवंशों की देखरेख के लिए मिलने वाली धनराशि बीते तीन माह से नहीं मिली है।
इसके बावजूद गोवंशों के लिए भूसा, पुआल आदि का प्रबंध किया जा रहा है। गोवंशों की देखरेख के लिए दो कर्मी भी कार्यरत है। बीडीओ प्रतिमा शर्मा ने बताया कि गोशाला की क्षतिग्रस्त हुई बाउंड्रीवाल के पुनर्निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी।
सचिव और चिकित्सक रोजाना करेंगे निरीक्षण
चकरनगर। एसडीएम देवेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि गोशालाओं का पशु चिकित्सक और पंचायत सचिव प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे। पशुओं के लिए सर्दी से बचाव को तिरपाल आदि की व्यवस्था के साथ चारे की व्यवस्था सुदृढ़ करेंगे।
कहा कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को गोशालाओं में व्यवस्थित किए जाएं। गोआसरा केंद्रों में गोवंश रखरखाव को लेकर किसी प्रकार की भी लापरवाही सहन नहीं होगी।
कई पटल प्रभारियों से कार्य प्रगति की समीक्षा के साथ गांव में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने पर बल दिया। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक विवेक कुमार, चकरनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार आदि पटेल प्रभारी मौजूद रहे।