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उल्लू का शिकार करना पड़ सकता है महंगा

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लवेदी। दिवाली पर लक्ष्मी के वाहन ‘उल्लू का शिकार करना महंगा पड़ सकता है। विलुप्त हो रहे पक्षी के संरक्षण को लेकर शासन ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव ने अफसरों को उल्लू का शिकार वाले शिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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लखना वानिकी के रेंजर विवेकानंद दुबे ने बताया कि सामाजिक कुरीतियों, भ्रांतियां और तंत्र-मंत्र सिद्ध करने के लिए दिवाली के आसपास बड़े पैमाने में उल्लू का शिकार किया जाता है। इससे उल्लू प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। इस पक्षी के रात में निकलने के कारण स्पष्ट गणना नहीं है। यह बेहद कम दिखाई पड़ते हैं। बताया कि पक्षी का शिकार या व्यापार करते समय आरोपित को वन्य जीव अधिनियम की धारा-51 के तहत छह माह की जेल और कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा या दोनो हो सकती हैं।
उल्लू का रोकने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है। मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार वर्मा ने डीएम, एसपी, डीएफओ को जारी पत्र में कहा है कि एनजीओ, पुलिस व कर्मचारियों के माध्यम से पक्षी को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियों को दूर किया जाना जरूरी है।
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हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उल्लू देवी लक्ष्मी के वाहन के रूप में समृद्धि एवं सौभाग्य का सूचक है। बड़ी संख्या में लोग इस पक्षी को पूजते हैं। वहीं तांत्रिक क्रियाओं में उपयोग में लाए जाने की परंपरा के कारण इसका शिकार, व्यापार किया जाता है।
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