केंद्र सरकार जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इसे तेज करने के लिए किसान संगठनों के साथ मिशन यूपी व उत्तराखंड चलाया जाएगा। 15 अगस्त को किसान ट्रैक्टर से दिल्ली कूच करेंगे।
यह बातें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर ताखा क्षेत्र में स्वागत के दौरान कही। टिकैत ने कहा कि 26 नवंबर को किसान आंदोलन शुरू हुआ था।
अब आंदोलन को पंजाब, हरियाणा के बाहर यूपी व उत्तराखंड के गांव-गांव तक लेकर जाना है। इसकी शुरुआत पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में महारैली के साथ होगी। इसके बाद सभी मंडलों पर महापंचायत होगी।
पंचायत चुनाव में योगी सरकार की मनमानी जनता ने देख ली है। अखिलेश और मायावती सरकार में गन्ने का मूल्य बढ़ाया गया था। योगी सरकार ने चार साल में मूल्य नहीं बढ़ाया है।
किसान संगठन मिशन यूपी उत्तराखंड के नाम से अपनी समस्त ऊर्जा दोनों राज्यों में लगाएंगे। ताकि हर गांव किसान आंदोलन का दुर्ग बन जाए। मोदी, योगी की सरकार में किसानों को खून के आंसू पीने पड़ रहे हैं। किसान हर उत्पीड़न का जवाब अवश्य देगा।
इससे पहले लखनऊ से दिल्ली जा रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता का अनिल कुमार, शशांक मिश्रा, अजय दुबे छोटे, विपिन यादव, रजत गुप्ता, अंकित यादव, राजू दुबे, संजीव कुमार, राघवेंद्र यादव, शिवरा, अवि त्रिपाठी आदि ने स्वागत किया।