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27 क्रय केंद्रों पर धान खरीद आज से

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इटावा। जनपद में एक नवंबर (आज) से 27 क्रय केंद्रों पर किसानों से धान की खरीद शुरू होगी। खरीद शुरू होने से पहले एसडीएम व तहसीलदार ने रविवार को क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया।
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धान की खरीद सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक है। अबकी 42 हजार 200 मीट्रिक किसानों का धान खरीदने का लक्ष्य शासन ने दिया है। इटावा नई मंडी में खाद्य विभाग के तीन व भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक क्रय केंद्र समेत चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
किसानों को परेशानी न हो इसके लिए संबधित क्रय एजेंसियों के केंद्रों पर बैनर लग चुके हैं। कंट्रोल नंबर, नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर जिस पर कांटे, छन्ना, नमी मापक यंत्र भी उपलब्ध हैं।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि धान की खरीद एक नवंबर से लेकर 28 फरवरी तक होगी। इस बार 27 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 10 खाद्य विभाग, 8 पीसीएफ, 7 पीसीयू और 2 भारतीय खाद्य निगम के हैं।
इस बार धान का समर्थन मूल्य कॉमन धान 1940 रुपये व ग्रेड धान का 1960 रुपये प्रति क्विंटल शासन ने निर्धारित किया है। जनपद में इस साल 27 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। जनपद को इस बार 42 हजार 200 मीट्रिक टन धान खरीद करने का लक्ष्य मिला है।
सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के लिए अब तक 524 किसान ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। पिछले साल किसी भी किसान का भुगतान बकाया नहीं है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल 2020 में 29 धान केंद्र बनाए गए थे, जिन्हें 35 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था, लेकिन लक्ष्य से अधिक 4037603 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।
सरकारी खरीद केंद्रों पर धान बेचने के लिए पिछले साल 7510 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने क्रय केंद्रों को धान पारदर्शी तरीके से क्रय करनेे, सभी क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक कांटा, धान की साफ-सफाई के लिए पावर डिस मशीन, माइचर मीटर, पंखा, बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही क्रय किए गए धान का आरटीजीएस के माध्यम से तीन दिन के अंदर भुगतान कराने व क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने की सुविधा, क्रय केंद्रों पर धान रिजेक्ट रजिस्टर बनाने, जिला प्रबंधक मिल का संबद्धीकरण कर उसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पिछले साल की अपेक्षा दो केंद्र कम
वर्ष 2020 में जनपद में धान खरीद के लिए 29 क्रय केंद्र बनाए गए थे, जो इस बार दो क्रय केंद्र कम हैं। पिछले साल 35 हजार मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य के सापेक्ष पांच हजार मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद हुई थी।
पिछले साल 7510 किसानों ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था।
100 क्विंटल ऑनलाइन सत्यापन से मुक्त
अबकी धान उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए 100 क्विंटल धान को ऑनलाइन सत्यापन से मुक्त किया गया है। अलावा इसके किसान सटे हुए जनपद के किसी क्रय केंद्रों पर अपना टोकन प्राप्त कर विक्रय कर सकते हैं, लेकिन अगली बार भी किसान को उसी केंद्र पर धान की फसल बेचनी होगी।
50 क्विंटल क्रय करने की अनिवार्यता खत्म
शासन ने इस बार सप्ताह के चार दिन सोमवार से बृहस्पतिवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान क्रय करने की अनिवार्यता को किसानों के हित में खत्म कर दिया है। अब किसान सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर सप्ताह में किसी दिन भी टोकन के अनुसार अपना पूरा धान बेच सकेंगे।
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