इटावा जिले के जसवंतनगर में सोमवार शाम करीब छह बजे मालगाड़ियों के लिए बनाए गए फ्रेट कॉरिडोर के डाउन ट्रैक पर ग्राम राजपुर के पास मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के दूसरे दिन मंगलवार को भी रेलवे ट्रैक बहाल नहीं हो सका है।
मंगलवार को बड़ी-बड़ी क्रेनें घटनास्थल से मालगाड़ी के डिब्बों व बिखरे पड़े मलबे को हटाने का काम करने में लगी रहीं। मंगलवार को डीएफसीसी के अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। वहीं 24 घंटे बाद भी ट्रैक बहाल नहीं हो सका है।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुरू हुए फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर अब तक का यह सबसे बड़ा रेल हादसा है। घटनास्थल पर सोमवार देर रात से ही डिब्बों को हटाने के लिए क्रेनें व अन्य मशीनी उपकरण पहुंचना शुरू हो गए थे। रात में चारों ओर घना अंधेरा होने की वजह से रेल ट्रैक को साफ करना काफी मुश्किल हो रहा था।
सुबह होते ही मलबा हटाने के काम में तेजी आई। सबसे पहले मालगाड़ी के पलटे हुए डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही मालगाड़ी पर लदा सामान जो इधर-उधर लाइनों पर बिखरा पड़ा था। उसे हटाने के लिए मजदूर लगाए गए थे, जो रेल लाइन से हटाकर खेतों में रखने में लगे रहे।