इटावा। इस समय आलू, लहसुन की बुआई का मुख्य समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी यूरिया खाद की जरूरत है। साधन सहकारी समितियों पर किसानों को आवश्यकता अनुसार डीएपी, एनपीके और यूरिया लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं।
बड़े अफसरों का कहना है कि जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके की कोई कमी नहीं है, जिससे सिद्ध होता है कि साधन सहकारी समितियों के संचालक मनमानी करके किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
माकपा किसान सभा के जिला मंत्री संतोष शाक्य और पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह शाक्य ने कहा कि फसल में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद्य उपलब्ध नहीं होने से उत्पादन में भारी कमी आ सकती है।
सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। किसान विरोधी नीतियों से खेती किसानी वैसे ही घाटे की सौदा हो गई है। कहा कि डीएपी, यूरिया खाद प्रचुर मात्रा में किसानों को उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा किसान सभा आंदोलन करने पर मजबूर होगी।