इटावा। सम्मलित राज्य प्रवर अधीनस्थ प्रवेश परीक्षा जिले के 47 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच दो पालियों में कराई गई। पंजीकृत परीक्षार्थियों की तुलना में लगभग एक चौथाई परीक्षार्थी ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
इस परीक्षा के लिए पंजीकृत 20544 में से सिर्फ 5897 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। लगभग 14,647 गैरहाजिर रहे। जिले में पीसीएस की प्रवेश परीक्षा के लिए 47 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया था।
सभी परीक्षा केंद्रों पर एक एक अधिकारी को स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाया गया। इसके साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट भी बनाए गए। जिन्होंने लगातार नजर रखी। परीक्षा दो पालियों में कराई गई। इस दौरान कई अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं परखीं।
परीक्षा कोविड गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए कराई गई थी और इसी को देखते हुए परीक्षार्थियों के बीच में दूरी भी बनाए रखी गई। शहर के आसपास के क्षेत्रों के विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था जिनमें सुबह से ही परीक्षार्थी पहुंचने लगे थे।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई जो 11:30 बजे तक चली। इसके बाद दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से लेकर 4:30 बजे तक चलती रही।
दोनों पालियों में अधिकारी लगातार छापामारी करते रहे और इस बात पर नजर बनाए रखा कि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग न करें। परीक्षा के दौरान काफी कम संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे।
उधर, परीक्षा के कारण सुबह से ही सड़कों चहल पहल होने लगी थी। हालांकि, परीक्षार्थियों की कम संख्या होने से संतुलित भीड़ रही। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ सुबह से ही होने लगी थी, जो देर शाम तक जारी रही।
सड़कों पर से त्योहार और परीक्षा के कारण भीड़ लग गई, जिससे लोगों को आने जाने में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। कहीं रास्ता संकरा होने पर जाम की स्थिति भी बनी।