इटावा। विधानसभा चुनाव में अब प्रत्याशी 40 लाख रुपये तक खर्च करे सकेंगे। इसमें चाय, समोसा, मिठाई, खाना, वाहनों का किराया डीजल आदि का पाई-पाई का हिसाब चुनाव आयोग को देना होगा। खर्चे की दरें अभी स्थानीय स्तर पर तय की जानी हैं।
इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति नामांकन दाखिल होने की तिथि के पहले तय कर देगी। उसी के अनुरूप प्रत्याशियों को हिसाब किताब जमा करना होगा।
महंगाई को देखते हुए चुनाव आयोग ने अबकी प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 30 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दी है। इसमें प्रत्याशियों को जनसभा, जनसंपर्क, कार्यालय संचालन, वाहन संचालन से लेकर सभी आवश्यक खर्चे शामिल किए जाएंगे।
दरों में एकरूपता बनी रहे इसलिए हर आइटम की दरें जिला प्रशासन तय करेगा। दरों की सूची राजनीतिक दलों अथवा अन्य प्रत्याशियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
पहली बार सोशल मीडिया में किए जाने वाले खर्चे को भी दाखिल करना होगा। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदयनारायण ने बताया कि चुनावी खर्चे पर निगरानी रखने के लिए सचल दस्तों का गठन किया जाएगा।
साथ ही आचार संहिता का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं इसकी निगरानी के लिए भी हर विस क्षेत्र में तीन-तीन सचल दल बनाए गए हैं। यह दल हर आठ घंटे के हिसाब से ड्यूटी करेंगे। 24 घंटे की निगरानी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने 22 जनवरी तक किसी प्रकार की रैलियों के आयोजन पर रोक लगा रखी है।