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पीकू वार्ड के रिहर्सल में मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी नहीं दे पाई कई जबाव

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मैटरनिटी विंग स्थित पीकू में मॉकड्रिल के दौरान बच्चे को ऑक्सीजन लगाते चिकित्सक ।संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। लखनऊ से नामित की गई टीम ने शुक्रवार को मैटरनिटी विंग में बने पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) सहित कोविड अस्पताल में बने वार्ड में मॉकड्रिल किया। इसमें तीसरी लहर से निपटने के लिए की गई तैयारियों की हकीकत सामने आ गई। टीम को कई खामियां मिलीं। मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी सवालों के जवाब नहीं दे सकी। वहीं रिहर्सल में मरीज को 15 मिनट तक स्ट्रेचर नहीं मिला। लखनऊ से नामित अलीगढ़ के एडी स्वास्थ्य को कहना पड़ा कि चिकित्सकों का यह हाल है तो अन्य कर्मचारियों की स्थिति क्या होगी।
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पीकू की व्यवस्थाओं को परखने अलीगढ़ से एडी स्वास्थ्य डॉ. सुरेंद्र कुमार उपाध्याय सहित डॉ. ग्या थान सहित तासिम शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे। मैटरनिटी विंग में बनाए गए पीकू में जाकर चिकित्सकों से वेंटीलेटर आदि के बारे में जानकारी की और इसका संचालन कराकर देखा। सवाल पूछे कि मरीजों के आने की स्थिति में चिकित्सक उनका उपचार कैसे करेंगे। चिकित्सक उनके सवालों में उलझ गए। इसके अलावा टीम ने नर्स व अन्य स्टाफ से कई जानकारी कीं, लेकिन सटीक जवाब नहीं मिले।
वहीं रिहर्सल के तौर पर आभासी मरीज अनोस जार्ज को एंबुलेंस से मैटरनिटी विंग लाया गया। इस दौरान तीन मिनट में उसे ऑक्सीजन दी गई। वहीं बाल रोग विशेषज्ञों ने उसको देखा। इस दौरान पीडियाट्रिक डॉक्टर ने उसे आईसीयू में शिफ्ट करने की बात कही, लेकिन 15 मिनट तक स्ट्रेचर ही नहीं मिला। मॉकड्रिल के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश गुप्ता, सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल, सीएमएस डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अभिनव दुबे, डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. चेतन चौहान, डॉ. वैभव गुप्ता, डॉ. अंशुल गुप्ता, डॉ. एवी सिंह सहित मेडिकल कॉलेज का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। वहीं सकीट पीएचसी पर दूसरी टीम द्वारा मॉकड्रिल किया गया।
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