एटा। अलीगंज के सरकारी गोदाम से 11 लाख रुपये के राशन का गोलमाल हो गया। क्षेत्रीय विधायक की शिकायत पर जांच की गई तो क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की गड़बड़ी पकड़ी गई। उनकी मृत्यु हो चुकी है। अब यह धनराशि उनकी संपत्ति से वसूली जाएगी। इस पीडीएस गोदाम पर केंद्र प्रभारी के रूप में सुरेंद्र कुमार तैनात थे। मार्च में दो ट्रकों के जरिए एक हजार बोरों में राशन भेजा गया। ऑनलाइन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पोर्टल पर प्रभारी ने अपने लॉगइन से इसे प्राप्त कर लिया, लेकिन अपने स्टॉक रजिस्टर में इसे दर्ज नहीं किया और न ही ट्रक चालकों को इसकी प्राप्ति उपलब्ध कराई।
शिकायत हुई तो मामले की जांच शुरू कराई गई। इस बीच 29 अप्रैल को केंद्र प्रभारी की कोविड-19 के संक्रमण से मौत हो गई। 5 मई को इस गोदाम के ताले तुड़वाकर कनिष्ठ सहायक राहुल राना को चार्ज हस्तांतरित किया। जब स्टॉक मिलान किया गया तो 79.20 क्विंटल गेहूं और 292.33 क्विंटल चावल कम मिला। गेहूं की कीमत 170544 और चावल की कीमत 930327 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा डेड स्टॉक में 1337 रुपये भी जोड़े गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर 1102209 रुपये का नुकसान जोड़ा गया है। जिसकी वसूली सुरेंद्र कुमार की संपत्ती से की जाएगी।
एसडीएम और डिप्टी आरएमओ ने की जांच
मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने 15 जुलाई को दो सदस्यीय समिति बनाई। जिसमें एसडीएम अलीगंज एसपी वर्मा और डिप्टी आरएमओ नंदकिशोर को शामिल किया गया। समिति ने महीने भर में जांच पूरी कर 13 अगस्त को यह रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी।
फरवरी के राशन को दो बार कर दिया दर्ज
जांच के दौरान फरवरी के राशन की एंट्री में भी गड़बड़ी पाई गई। इस महीने में भी 1000 बोरे राशन दो ट्रकों के जरिए भेजा गया था। इसे तत्कालीन केंद्र प्रभारी ने दो बार गलत रूप से दर्ज कर दिया।