एटा। सर्दी ने दस्तक दी है, ऐसे में स्केबीज (खाज-खुजली) के मरीज बढ़ गए हैं। करीब 100 मरीज प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
यह समस्या माइट नामक कीड़े के काटने से होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीती ने बताया कि यह बीमारी एक से दूसरे में फैलते हुए परिवार के सभी सदस्यों को हो जाती है। चूंकि, सर्दियों में लोग एक ही रजाई, कंबल का इस्तेमाल करते हैं। एक-दूसरे के कपड़े भी इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सर्दियों में इस बीमारी के मरीज काफी बढ़ जाते हैं। इस बीमारी में पानी भरे हुए दाने हो जाते हैं। जो लोग इलाज नहीं कराते हैं और लगातार खुजलाते रहते हैं तो फिर त्वचा पर जख्म हो जाता है। ओपीडी में 450 से 500 तक कुल मरीज उपचार के लिए आते हैं। उनमें में 100 मरीज स्केबीज के रहते हैं। परिवार में किसी एक सदस्य को बीमारी हो तो इलाज के बाद ठीक होने तक उसके संपर्क में न आएं।
ये हैं लक्षण
- त्वचा पर पानी भरे हुए दाने होना।
- तेज खुजली खासतौर से रात में।
- खुजलाते हुए जख्म, फिर पकने लगते हैं।
- कंबल व रजाई को पहले धूप में सुखाएं इसके बाद ही इस्तेमाल करें।