एटा। शासन और प्रशासन के निर्देशों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में अभी तक अलग से डेंगू और मलेरिया वार्ड नहीं बनाए गए हैं। मरीजों को सामान्य वार्डों में ही भर्ती किया जा रहा है, इससे अन्य मरीजों के लिए भी खतरा है।
डेंगू व मलेरिया से ग्रसित मरीजों को अन्य मरीजों से अलग वार्ड में रखा जाना चाहिए। शासन के निर्देश है कि डेंगू व मलेरिया के अलग से वार्ड बनाए जाएं। इन वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई जाए।
लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज में अलग वार्ड नहीं बनाए गए हैं। डेंगू की भले ही किसी में पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लक्षण वाले मरीजों तथा मलेरिया रोगियों को सामान्य वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है। दो दिन पहले डेंगू के लक्षण वाले एक बच्चे को अन्य बीमार बच्चों के साथ पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कर दिया गया।