चौचा वनगांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बंद पड़ा आंगनबाड़ी केंद्र। संवाद
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एटा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है। शासन ने तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद भी तमाम आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगे हैं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं पहुंच रहीं हैं। जिसकी वजह से बच्चों को प्री प्राइमरी स्तर का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। जिले में 17 सौ से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं उसके बाद भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला पड़ा हुआ है।
केस-1: पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौंचा वनगांव
विकासखंड शीतलपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौंचा वनगांव में सुबह करीब 11 बजे आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला पड़ा हुआ था। यहां विद्यालय के अन्य स्टाफ ने बताया कि दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। बीमार होने की वजह से केंद्र को बंद करके चली गई हैं।
केस-2: पीएस सर्वोदय आश्रम
शीतलपुर विकासखंड कार्यालय के सामने इंग्लिश मीडियम पीएस सर्वोदय आश्रम में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर बृहस्पतिवार को ताला पड़ा हुआ था। दूसरे परिसर में विद्यालय के छात्र पढ़ाई कर रहे थे। पूछे जाने पर केंद्र और कार्यकर्ताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका।
विभाग को नहीं कार्रवाई की जानकारी
अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पिछले दो माह में निरीक्षणों के दौरान कितनी कार्यकर्ता को अनुपस्थित पाया गया और उन पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी विभाग को कोई जानकारी नहीं है।