एटा। नेशनल हाईवे के साथ बाईपास को रात में चमकाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर लाइटें लगवाई गई हैं। बाईपास शुरू होने पर इन लाइटों को जलाया भी गया, जिससे इलाका जगमग हो गया, लेकिन अब इन्हें जलाने में मनमानी बरती जा रही है। जिसके चलते रात में हाईवे पर अंधेरे का राज रहता है।
शहर में तीन बाईपास का निर्माण कराया गया है। इन बाईपास पर बने ओवरब्रिज पर लाइटें लगाकर इन्हें चमकाया गया, लेकिन कुछ माह बाद ही यहां की लाइटें बंद हो गईं। पहला बाईपास एआरटीओ कार्यालय से विरामपुर, दूसरा कस्बा पिलुआ और तीसरा विरामपुर पर बनाया गया है। तीनों बाईपास पर लाइट जलाने के लिए दस प्वाइंट बनाए गए हैं। एक प्वाइंट से करीब 130 लाइटें जगमग होती हैं, लेकिन अभी तक पांच प्वाइंट से लाइटें नहीं जल रही हैं। जबकि इन लाइटों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। तीनों बाईपास पर 600 से अधिक लाइटें लगी हुई हैं।
कनेक्शन होने के बाद भी नहीं जल रही लाइटें
कार्यदायी पीएनसी कंपनी के एडमिन ऑफीसर कुलदीप सिंह ठाकुर का कहना है कि सभी 10 प्वाइंट्स पर लाइट जलाने के लिए कनेक्शन कर दिए गए हैं। इन लाइटों की देखरेख की जिम्मेदारी सुपरवेब कंपनी को दी गई है। उन्होंने बताया कि पांच प्वाइंट की लाइटें अभी नहीं जल रही हैं।