मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह ने बताया कि 23 जुलाई को 54 वर्षीय इंजीनियर भारत आए। दिल्ली में एयरपोर्ट पर उनकी जांच की गई, रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं नोएडा में जांच के दौरान भी रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को वह मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना के प्लांट पर पहुंचे। वहां कोरियाई किट से जांच की रिपोर्ट में संदेह हुआ। इस पर वह आइसोलेट हो गए और दवा खाने लगे।
जवाहर तापीय परियोजना का कोरियाई इंजीनियर कोरोना संक्रमित मिला है। जिले में डेढ़ महीने बाद केस मिला है। इंजीनियर को स्वास्थ्य टीम द्वारा होम आइसोलेट किया गया है। इस केस के बाद अब जिले में कुल पॉजिटिव केस की संख्या 9769 हो गई है।
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मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह ने बताया कि 23 जुलाई को 54 वर्षीय इंजीनियर भारत आए। दिल्ली में एयरपोर्ट पर उनकी जांच की गई, रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं नोएडा में जांच के दौरान भी रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को वह मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना के प्लांट पर पहुंचे। वहां कोरियाई किट से जांच की रिपोर्ट में संदेह हुआ। इस पर वह आइसोलेट हो गए और दवा खाने लगे।
बुधवार को आरटी पीसीआर की जांच के लिए सैंपल लेकर अलीगढ़ भेजा गया। बृहस्पतिवार रात आई रिपोर्ट में उन्हें पॉजिटिव घोषित किया गया है। इसके बाद शुक्रवार को परियोजना में 35 अन्य व्यक्तियों की रैपिड कार्ड से जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। संक्रमित इंजीनियर को होम आइसोलेट किया गया है।