एटा। फर्जी हलफनामा लगाकर नगर पालिका में नौकरी पाने की शिकायत हुई। जिस पर जांच शुरू की गई, लेकिन दो महीने में जांच एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। जांच की यह फाइल दूसरे कागजों में दब गई है। नगर पालिका परिषद में विज्ञापन प्रभारी रवीश उपाध्याय के खिलाफ दो माह से जांच की जा रही है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। पंकज मिश्रा ने शिकायत की थी कि रवीश उपाध्याय ने मृतक आश्रित नौकरी प्राप्त करने के लिए परिवार के सदस्यों के फर्जी हलफनामे प्रस्तुत कर दिए।
जिसके आधार पर नौकरी प्राप्त कर ली। इस पर नगर पालिका के ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने कर अधीक्षक मुन्नालाल, राजस्व निरीक्षक रामानंद, और मनोज सक्सेना को जांच सौंपी, लेकिन विभाग के ही जांच अधिकारी अपने कर्मचारी को बचाने में पूरी कोशिश कर रहे हैं। जांच अधिकारी मुन्नालाल का कहना है कि रवीश उपाध्याय के फर्जी हलफनामे से संबंधित पत्रावली अधिष्ठान लिपिक ईश्वर शरन से मांगी जाएगी और जांच की जाएगी। दो महीने बीत जाने को लेकर इनका कहना है कि जांच करने के लिए समय नहीं मिल पाया है।