जिला अस्पताल की ओपीडी में थक कर कतार में फर्श पर बैठे मरीज।संवाद
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एटा। बुखार से चारों ओर हा-हाकार मचा हुआ है। मरीजों की भरमार है, जबकि मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। बुधवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ ओपीडी में पहुंच गई, लेकिन इलाज के लिए कोई भी फिजीशियन उपलब्ध नहीं था। घंटों तक मरीज परेशान रहे। थक कर जमीन पर ही बैठ गए।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक के लोग मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कई गांवों में बुखार का प्रकोप बहुत ज्यादा है। दूर-दराज से लोग इलाज कराने के लिए सुबह ही मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच जाते हैं, लेकिन चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते हैं। बुधवार को भी फिजीशियन कक्ष के बाहर से गेट तक महिलाओं व पुरुष रोगियों की लंबी लाइन लगी थी। मरीजों ने बताया कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। पैर दर्द करने लगे, लेकिन चिकित्सक अब तक कक्ष में नहीं आए हैं।
एक बेड पर दो मरीज हो रहे भर्ती
बुखार के हालात ये हैं कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्रतिदिन आठ-दस बुखार के पीड़ित पहुंच रहे हैं। बेडों की संख्या कम होने के कारण चिकित्सक एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।
बाहर से खरीदनी पड़ रही दवा
मरीजों ने बताया कि चिकित्सक जो दवा लिख रहे हैं। उनमें से दो या तीन दवा यहां मिल रहीं है। एक-दो दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।