आरोप है कि वर्ष 2014 में छह लाख रुपये ले लिए, इसके बाद वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान चार लाख और वर्ष 2017 में दो लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भी नौकरी नहीं दी गई, फिर 30 हजार रुपये ले लिए और नौकरी लगवाने के नाम पर गुमराह करते रहे।
12 लाख 30 हजार रुपये पहुंचने के बाद पता चला कि विद्यालय प्रबंधक ने पूर्व में ही 22 लाख रुपये लेकर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर ली है। इसके बाद दी गई रकम लौटाने के लिए कहा गया। आरोप है कि इस पर विद्यालय प्रबंधक श्याम सिंह, इनके पुत्र शशिकांत उर्फ बबलू और रविकांत उर्फ रवी ने मारपीट कर और हत्या की धमकी दी।
इसके बाद पीड़ित ने सोमवार को तहरीर देकर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम ठगने और मारपीट कर हत्या करने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष विपिन कुमार त्यागी ने बताया है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी कर कार्रवाई की जाएगी।