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अव्यवस्था: बुखार पीड़ितों को सामान्य मरीजों संग किया जा रहा भर्ती

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ड्रप हाथ में पकड़कर मरीज को दूसरे बेड पर शिफ्ट कराते सीएमएस डॉ. अशोक कुमार। संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। बुखार के प्रकोप के बीच मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। यहां बुखार पीड़ितों को सामान्य मरीजों के संग भर्ती किया जा रहा है। सोमवार को एक ही बेड पर बुखार से पीड़ित मरीज के साथ पेट दर्द के मरीज को लिटा दिया गया। सोमवार को मैटरनिटी विंग में असरौली निवासी बुखार रोगी सोनम के साथ उसी बेड पर पेट दर्द से पीड़ित महिला को कर्मियों ने लिटा दिया। पास के ही बेड पर अचलपुर निवासी जगदीश बुखार से पीड़ित थे, उनकी ड्रिप बेड पर लगी हुई रखी थी।
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पुत्र मान सिंह ने बताया कि रविवार सुबह से भर्ती हैं, चिकित्सक ने खून की जांच कराने को कहा, लेकिन अभी तक नहीं हुई है। यही बात सोनम की मां रजनी ने कही। जबकि तीसरे बेड पर भर्ती खिरिया नगर शाह निवासी रामगोपाल ने बताया कि वह पांच दिन से भर्ती हैं। खून की जांच के लिए बोला, वहां तक गया भी, लेकिन मशीन खराब होने की बात कह दी। सोमवार को एक्सरे के लिए गया तो डॉक्टर ही नहीं मिले। वहीं अन्य बेड पर पेट दर्द सहित सांस आदि के मरीज भर्ती थे।
12 बजे के बाद चिकित्सक नदारद
मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत किए गए जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि दोपहर 12 बजे ओपीडी के कक्ष संख्या छह में मेडिकल विभाग के चिकित्सकों को बैठना था, लेकिन वह नदारद थे। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ मरीज कक्ष के गेट पर तो कुछ बरामदे में कक्ष के बाहर फर्श पर बैठ गए। लखमीपुर निवासी रूबी ने बताया कि साढ़े ग्यारह बजे आई थी। लेकिन कक्ष में चिकित्सक ही नहीं हैं। हिम्मतपुर निवासी अंजू, शीतलपुर निवासी जनक सिंह, निधौलीखुर्द निवासी सर्वेश आदि ने भी यही बात बताई।
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मां ने बेटी के लिए रोते हुए लगाई गुहार
सोमवार को शहर निवासी लक्ष्मी बुखार से पीड़ित अपनी बेटी को लेकर ओपीडी में पहुंची। चिकित्सक ने खून की जांच कराने को कहा। बेटी को लेकर प्रथम तल स्थित पैथोलॉजी लैब में सैंपल दिलाया। इसी दौरान रिंकी का बुखार बढ़ गया और सिर में तेज दर्द होने लगा। जिससे वह रोने लगी। लक्ष्मी ने कर्मचारियों के हाथ जोड़े और रोते हुए बुखार व दर्द के लिए कोई दवा देने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी बात को नहीं सुना। बाद में किसी अन्य व्यक्ति ने किशोरी को इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।

मैटरनिटी विंग में एक ही बेड पर भर्ती किए गए दो मरीज ।संवाद- फोटो : ETAH

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