एटा। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए तैयारियां की जा रहीं हैं। कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए सतर्कता भी बरती जा रही है। आयोग के निर्देश पर 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों पर कवायद कर 63 बूथ बढ़ाए गए हैं। जिससे कि मतदान के समय बूथों पर मतदाताओं की ज्यादा भीड़ न लगे। अब जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में बूथों की कुल संख्या 1572 हो गई है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बूथों पर जमकर भीड़ लगी थी। इसके बाद कोरोना के मामलों में काफी इजाफा हुआ। विधानसभा चुनाव में इस स्थिति से बचने के लिए चुनाव आयोग कवायद में जुटा है। पिछले दिनों 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों को लेकर आदेश जारी किया। इस पर प्रशासनिक मशीनरी कवायद में जुट गई। 63 बूथ ऐसे चिह्नित किए गए, जहां मतदाता अधिक थे और उन्हें आसपास के बूथों पर समायोजित नहीं किया जा सकता था। ऐसे में इतने ही नए बूथ बनाए गए हैं।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग डीएम ने की बैठक
डीएम अंकित अग्रवाल ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग बैठक की। डीएम ने कहा कि राजनीतिक दलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों, प्रस्तावों के आधार पर बूथों की सूची तैयार की गई है। जिसे सभी दलों को उपलब्ध कराया गया है। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस पर अपने सुझाव और शिकायतें प्रस्तुत कीं। डीएम ने बताया कि इन पर स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद बूथों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह, एसडीएम एसपी वर्मा, अलंकार अग्निहोत्री, मानवेंद्र सिंह, एएसडीएम राजीव पांडेय, भाजपा नेता प्रदीप गुप्ता, सपा जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी, बसपा जिलाध्यक्ष बलवीर भास्कर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष गंगासहाय आदि रहे।