एटा। नगर पालिका के ईओ डॉ. दीप कुमार वार्ष्णेय पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक सभासद ने सीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर किया है। इसमें फर्जी ढंग से बोर्ड बैठक के प्रस्ताव पास कराने एवं उनको हटाए जाने के प्रस्ताव को शामिल न करने का आरोप लगाया है। न्यायालय ने इस पर पुलिस की आख्या मांगी है।
वार्ड 20 के सभासद दिलीप पचौरी बिट्टू ने शुक्रवार को अपराध प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2021 को नगर पालिका की बोर्ड बैठक की गई। इसमें 18 सभासदों ने विशेष प्रस्ताव देते हुए ईओ को कार्यमुक्त कराने के लिए मिनट बुक में दर्ज करने के लिए कहा, लेकिन ईओ ने कहा कि तुम लोग मेरा स्थानांतरण नहीं करा पाओगे। अपनी तरह से मैं पालिका चलाऊंगा और बजट पास कर दूंगा। आरोप है कि ईओ ने चेयरमैन की अनुमति के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त करने वाला प्रस्ताव मिनट बुक में दर्ज नहीं किया।
जिससे सदन में अन्य कोई प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित नहीं हो सके। सभी 18 सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया, लेकिन बाद में पता लगा कि ईओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गलत ढंग से अध्यक्ष की अनुमति के बिना वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट लगभग 50 करोड़ का घपला करने के लिए अपने हस्ताक्षर से पास कर दिया। सभासद के अधिवक्ता अमित जौहरी ने बताया कि यह मामला सीधे-सीधे पद के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है। न्यायालय ने कोतवाली नगर पुलिस से आख्या मंगाते हुए सुनवाई के लिए 4 अक्तूबर की तारीख तय कर दी है। उधर, ईओ का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार ही कार्य किए हैं।