एटा। नगर पालिका एटा की ओर से मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर चिलासनी पर बनाया गया है। यहां पर बुधवार की दोपहर अचानक आग लग गई थी। पालिका का दावा है कि इस घटना में 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले की जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी गई है। इसके बाद कार्रवाई की बात कही जा रही है। एमआरएफ सेंटर पर दो कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है, लेकिन आग लगने के दौरान दोनों ही नदारद थे। इसकी वजह से सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बुधवार को लगी भीषण आग पर अग्निशमन विभाग की टीमों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पाया था। जब तक आग बुझाई गई, सेंटर पर कई मशीनों सहित अन्य सामान जल गया। इसकी करीब 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नगर पालिका क्षेत्र से कूड़ा लेकर वाहन सेंटर पर डालते हैं। यहां पर प्लास्टिक दाना सहित जैविक खाद आदि मशीनों से बनाने का काम होता है।
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि एमआरएफ सेंटर में आग लगना गंभीर मामला है। आग लगने की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पूरे मामले की जांच एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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साजिश की भी जताई जा रही आशंका
अग्निकांड में साजिश की भी आशंका जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि आसपास जिन लोगों के मकान आदि हैं, वह यहां एमआरएफ सेंटर संचालन के पक्ष में नहीं हैं। हो सकता है कि इसी विरोध में इस घटना को अंजाम दिया गया हो।