एटा। बंदरों की बढ़ती संख्या और आबादी क्षेत्रों में पहुंचना खतरनाक साबित हो रहा है। रविवार सुबह के समय शहर के मोहल्ला संजय नगर में छत पर खेल रहे 10 वर्षीय बालक को बंदरों के झुंड ने घेर लिया। उसने बचकर निकलने का प्रयास किया तो एक बंदर ने हमला करते हुए काट लिया।
मोहल्ला संजय नगर निवासी अजीत कुमार ने बताया कि 10 वर्षीय बेटा मेघराज रविवार की सुबह छत पर खेल रहा था। उसी समय बंदरों के झुंड ने आकर उसको घेर लिया और घुड़की देने लगे। यह देखकर मेघराज डर गया और बचकर निकलने का प्रयास किया। तभी एक बंदर ने उसके ऊपर हमला कर काट लिया। बालक की चीख सुनकर हम लोग छत पर पहुंचे और बंदरों को भगाकर बालक को बचाया।
बंदर के काटने से डरे-सहमे मेघराज को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। यहां से उपचार के बाद सेहत में सुधार होने पर घर ले गए। पिछले माह मलावन थाना क्षेत्र के गांव सेंथरी में बंदरों के झुंड ने एक महिला को छत पर घेर लिया। किसी तरह बचकर कमरे में घुस गई तो बाहर से दरवाजा और खिड़की को पीटते रहे और घुड़की लगाकर डराते रहे। काफी देर बाद जब बंदर वहां से गए तब महिला कमरे से बाहर निकल सकी थी।
बंद घेर ले तो क्या करें
प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नीरज शुक्ला ने बताया कि अगर बंदरों का झुंड आपको घेर लेता है तो घबराएं नहीं। आत्मविश्वास बनाए रखें और बंदरों के ऊपर किसी प्रकार से डंडा या ईंट-पत्थर न फेेंकें। कुछ खाने की वस्तु अगर पास है तो उसको बंदरों से थोड़ा दूरी पर फेंककर धीमे-धीमे वहां से निकलने का प्रयास करें।