एटा। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच जिले से 155 रेमडेसिविर के एर्क्सपायड इंजेक्शन वापस किए गए हैं। दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शनों की जमकर कालाबाजारी हुई थी। फिर भी इन इंजेक्शनों का उपयोग नहीं हो सका।
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों के लिए रेमडेसिवर इंजेक्शन उमीद बने थे। तब सरकार ने 300 के करीब रेमडेसिवर इंजेक्शन एटा को मुहैया कराए थे। इस दौरान रेमिडेसिवर की खूब कालाबाजारी भी हुई थी। जिले में अंतिम समय में आए इंजेक्शन दिसंबर 2021 में एक्सपायर होने जा रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 155 इंजेक्शनों को लखनऊ भेजना पड़ गया। अब स्वास्थ्य विभाग के पास 77 रेमिडेसिविर इंजेक्शन रह गए हैं। सीमित इंजेक्शन और संसाधनों से विभाग के लिए तीसरी लहर चुनौती बन सकती है। जिम्मेदारों का कहना है कि वर्तमान में कोरोना का कोई केस नहीं है। ऐसे में रेमिडेसिविर इंजेक्शन की मांग नहीं है।
कोरोना काल में आए रेमिडेसिविर इंजेक्शन की मियाद गुजर रही थी। इसलिए 155 इंजेक्शनों को लखनऊ भेजना पड़ा है। वर्तमान में 77 इंजेक्शन हमारे पास हैं और डिमांड भी भेजी गई है।
डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ