कुंडा के सीओ जियाउल हक हत्याकांड में चौतरफा दबाव के बाद अखिलेश सरकार ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश करने का ऐलान किया है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने केस में नामजद आरोपी खाद्य व रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का इस्तीफा ले लिया। इसके बाद वे सीधे राज्यपाल बीएल जोशी से मिले और उनको पूरे मामले की जानकारी दी।
राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से राजा भैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस बीच, बलीपुर में सीओ के साथ गए कुंडा के थाना प्रभारी सर्वेश कुमार मिश्रा सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
मामले की गूंज संसद से लेकर विधानमंडल केदोनों सदनों तक में उठी। विधानसभा व विधानपरिषद में विपक्षी सदस्यों ने काम रोककर मामले पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया।
प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने सोमवार देर शाम बताया कि राज्य सरकार ने प्रतापगढ़ मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है और इसके लिए केंद्र को आग्रह पत्र भेजा जा रहा है।
सोमवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शहीद सीओ जियाउल हक के गांव जुआफर पहुंचे। उन्होंने हत्या की सीबीआई जांच कराने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने शहीद के परिजनों से मिलकर सीओ की पत्नी डॉ. परवीन आजाद और पिता शमशुल हक को 25-25 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। सीएम ने सीओ की पत्नी सहित तीन परिजनों को नौकरी देने का वादा भी किया।
देर शाम जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी गांव पहुंचे और जनाजे की नवाज अदा की गई। इससे पहले शहीद सीओ जियाउल की बीवी परवीन आजाद ने सोमवार को देवरिया में पति के शव के साथ अनशन शुरू कर दिया था।
उनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री आकर सुरक्षा और सीबीआई जांच का भरोसा देंगे, तब ही अपने पति का शव सुपुर्द-ए-खाक होने देंगी। जब पुलिस व प्रशासन के आला अफसरों ने परवीन को मनाने की कोशिश की, तो उन्होंने आत्मदाह तक की धमकी दे डाली। आखिरकार अखिलेश यादव ने दोपहर में देवरिया जाने का ऐलान कर दिया।
पीछे के मार्ग से जुआफर पहुंचे मुख्यमंत्री
ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार दोपहर मुख्य मार्ग से जुआफर गांव नहीं पहुंच पाए। उन्हें कड़ी सुरक्षा में पीछे के रास्ते से गांव ले जाया गया।
अखिलेश ने परवीन और उनके परिवार से मिलकर हरसंभव मदद और सुरक्षा का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने सीओ जिआउल की हत्या की सीबीआई जांच पर भी सहमति जता दी। इसके बाद ही परिवारजन शव को सुपुर्द-ए-खाक करने को तैयार हो गए।
सारी मांगें मान लीं: अखिलेश
शहीद अफसर के परिवार से बात की है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए, परिवार को सुरक्षा मिलनी चाहिए। परिवार ने पत्नी और भाई के लिए नौकरी की भी मांग की है। हमने सारी मांगें मान ली है। परिवार की किसी तरह अनदेखी नहीं होगी। निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
-अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री
आठ पुलिस वालों के खिलाफ जांच के आदेश
राज्य सरकार ने हिंसक भीड़ के बीच सीओ जिलाउल हक को अकेला छोड़ कर मौके से भागने वाले आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठा दी है, जबकि तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच प्रतापगढ़ के सीओ सदर को सौंपी गई है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार के अनुसार इंस्पेक्टर कुंडा सर्वेश कुमार मिश्रा, एसएसआई कुंडा विनय कुमार और सीओ जियाउल हक के गनर मोहम्मद इमरान समेत जिन आठ के खिलाफ जांच हो रही है, उनमें हथिगवां थाने के प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला का नाम भी शामिल है।
इन पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी पर भी विचार हो रहा है। अभी तक कुल चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। राजा भैया पर मुकदमा सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद की तहरीर पर दर्ज हुआ है।