प्रदेश में बिजली के दाम में 40 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। शहरी इलाकों में ज्यादा बिजली खर्च करने वालों को अब ज्यादा बिल भी भरना होगा।
आपूर्ति की समयसारिणी के आधार पर दरें प्रस्तावित की गई हैं यानी जहां जितनी बिजली सप्लाई हो रही है उसी अनुपात में दरें भी होंगी। अगले वित्तीय वर्ष में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं को जोर का ‘झटका’ लगने जा रहा है।
मुफ्त बिजली की आस लगाए बैठे किसानों को भी अब बिजली की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वाणिज्यिक श्रेणी की बिजली फिर महंगी हो सकती है।
राजधानी समेत 24 घंटे आपूर्ति वाले शहरों के उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने पर 5.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल भरना पड़ सकता हैं।
पावर कारपोरेशन ने सोमवार को गुपचुप ढंग से राज्य विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2013-14 का टैरिफ प्रस्ताव सौंप दिया है। इसमें घरेलू व कृषि को छोड़कर बाकी श्रेणियों पर कोई खास बोझ नहीं डाला गया है।
विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार टैरिफ प्रस्ताव स्वीकार करने की तिथि से 120 दिन के भीतर आयोग को बिजली दरों का निर्धारण करके टैरिफ आदेश जारी करना होगा।