पिता का कहना है कि जीवित होने की आस में फंदे से नीचे उतारा। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यही कहते हुए फफक-फफक कर रोने लगे। घटना के बाद माता सुमन मिश्रा भी बदहवास हो गई हैं।
उधर, दो बड़ी बेटियों की शादी करने के बाद अब घर में राज की शादी की बात चलने लगी थी। एक दो जगहों से रिश्ते भी आने शुरू हो गए थे। दोनों बेटियों के शादी हो जाने के बाद माता सुमन मिश्रा अकेलापन महसूस कर रही थीं। घर में बहु लाने की जल्दी सबको लगी थी।
इसे भी पढ़ें: पेशेवर जेल में, हर दिन नए चोर गोरखपुर पुलिस के लिए बने सिरदर्द
इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
घर की माली हालत ठीक नहीं होने से राज मिश्रा दूसरों की गाड़ी चलाते थे। पिता संतोष मिश्रा से वह बोलेरो खरीदने के लिए बोले थे। पिता ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही एक पुरानी बोलेरो खरीद दूंगा। इसके लिए वह राज से भी कुछ रुपये जुटाने और राजस्थान के उदयपुर में प्राइवेट जॉब कर रहे छोटे बेटे विशाल मिश्रा से सहयोग करने के लिए बोल रखे थे।
पिता संतोष मिश्रा का कहना है कि बेटी की शादी में कुछ कर्ज हो गया था। उसको भरने के बाद बोलेरो लेना था। इधर कुछ दिनों से राज हर दिन बोलेरो खरीदने की एकाध बार चर्चा करते रहता था। कहता था कि अपनी गाड़ी हो जाएगी तो उसी से कमाकर फिर एक और नई गाड़ी ले ली जाएगी।