रुद्रपुर नगरीय क्षेत्र का गंदा पानी सेमरौना के पास बथुआ नाले में मिल जाता है। डाला के पास कुर्ना नाला मिल जाता है। यह गायघाट के पास राप्ती नदी में मिल जाता है। इसी तरह बरहज नगर पालिका क्षेत्र का गंदा पानी थाना परिसर और पटेल नगर के पास सरयू नदी में गिरता है। सलेमपुर, भटनी के नगरीय क्षेत्र का भी बिना ट्रीटमेंट के ही गंदा पानी छोटी गंडक नदी में चला जाता है। यह नदी राप्ती नदी में मिल जाती है।
रामपुर कारखाना कस्बे का पानी करमैनी नाला से होकर छोटी गंडक नदी में गिरता है। लापरवाही के कारण सरयू, राप्ती, गोर्रा व छोटी गंडक नदी भागलपुर, लार के पिंडी इलाके से होकर बिहार प्रांत में प्रवेश करने वाली इन नदियों का पानी भी कई जगहों खराब हो गया है।
छोटी गंडक नदी हेतिमपुर के रास्ते जिले में प्रवेश करती है। इसके बाद कोटवा, रामपुर कारखाना, भटनी, मझौलीराज के रास्ते होकर बिहार बॉर्डर पर मेहरौनाघाट के आगे सरयू नदी में मिल जाती है। इसके कारण नदियां प्रदूषित हो रही हैं। इसका जनजीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसके बाद भी किसी भी निकाय में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की दिशा में कारगर पहल अब तक नहीं हुई है।
लार कस्बे में दो एसटीपी लगाने की योजना है लेकिन सुस्त रफ्तार के कारण केवल जमीन ही मिल पाई है। जबकि बरहज, रुद्रपुर में एसटीपी प्रस्तावित है। पर किसी भी जगह एसटीपी का निर्माण पूरा न होने के कारण बिना पानी स्वच्छ किए ही नदियों में गिराया जा रहा है।
जल प्रदूषण मापन के नहीं लगाए गए इंडिकेटर
देवरिया जिले की प्रमुख नदियां सरयू, राप्ती, छोटी गंडक चिह्नित स्थानों पर प्रदूषण मापन के लिए बीओडी और सीओडी मापने के लिए इंडिकेटर भी नहीं लगाए गए हैं। इसके कारण जल प्रदूषण स्तर का रिकाॅर्ड नहीं तैयार हो पा रहा है। हालांकि, इसके लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिला पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक में दो रोज पहले आदेश दिए हैं। उन्होंने नगर पालिका के ईओ को शहरी क्षेत्र से निकलने वाले घरेलू जल अपशिष्ट के प्रमुख आउटलेट को चिह्नित करने को कहा है।
पर्यावरण प्रहरी विजेंद्र राय लवली ने कहा कि बिना शोधन के पानी नदियों में गिरने से जल प्रदूषण बढ़ा है। इससे जलीय जीवों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं, पानी दूषित होने के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी भी बढ़ रही है। एनजीटी का सख्त आदेश है कि बिना एसटीपी के नदियों में गंदा पानी न गिरने जाने दिया जाए।
रुद्रपुर सेमरौना शैलेष कुमार यादव ने कहा कि बरुथनी नदी का पानी पहले काफी स्वच्छ था। नालों को गंदा पानी नदी में गिरने के कारण पानी से दुर्गंध आती है। दरवाजे के बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है। पहले हम लोग नदी का पानी पी लेते थे। पर अब इसका पानी जानवरों के उपयोग लायक भी नहीं है।
एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि नदियों के किनारे जो नगर पंचायतें हैं, वहां पर एसटीपी निर्माण की योजना है। लार में तीन एमएलडी के एसटीपी के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। इसका निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा।